आनन्द बॉबी चावला ब्यूरो चीफ झांसी।
2 मार्च 2026
*“साझा शोध से कृषि को मिलेगी नई दिशा” — डॉ. स्टैनफोर्ड ब्लेड*
*“बुंदेलखंड की चुनौतियों के समाधान हेतु सहयोग आवश्यक” — प्रो. अशोक कुमार सिंह*
*“फसल सुधार कार्यक्रमों में उल्लेखनीय प्रगति” — डॉ. एसके चतुर्वेदी*
झांसी। हैदराबाद स्थित इंटरनेशनल किरोप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर द सेमी-ऐरीड टिरोपिक्स, (आईसीआरआईसैट) के *उपमहानिदेशक डॉ. स्टैनफोर्ड ब्लेड* ने आज रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झाँसी का भ्रमण कर विश्वविद्यालय में संचालित विभिन्न अनुसंधान कार्यक्रमों का निरीक्षण किया।उन्होंने चना, सरसों, जौ तथा ड्यूरम गेहूँ फसलों पर हो रहे शोध कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इन फसलों में हो रहा सुधार
बुंदेलखंड सहित अर्धशुष्क क्षेत्रों के किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।
डॉ. ब्लेड ने अपने संबोधन में कहा कि अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के बीच समन्वय समय की आवश्यकता है। उन्होंने तकनीकी आदान-प्रदान, संयुक्त परियोजनाओं तथा वैज्ञानिक सहयोग को कृषि उन्नति की आधारशिला बताया।*कुलपति प्रो. अशोक कुमार सिंह* ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, सीमित जल संसाधन तथा मृदा क्षरण जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए संस्थागत सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आईसीआरआईसैट और विश्वविद्यालय के बीच संयुक्त अनुसंधान, छात्र-शोधार्थी विनिमय तथा उन्नत तकनीकों के साझा उपयोग की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
कुलपति ने विश्वास जताया कि इस प्रकार के उच्चस्तरीय संवाद से क्षेत्रीय कृषि विकास को गति मिलेगी और किसानों की आय में वृद्धि के नए अवसर सृजित होंगे।
विश्वविद्यालय के *निदेशक शोध डॉ. एसके चतुर्वेदी* ने चना, सरसों, जौ एवं ड्यूरम गेहूँ की उन्नत प्रजातियों के विकास, प्रायोगिक परीक्षणों तथा बीज उत्पादन कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी।उन्होंने बताया कि
विश्वविद्यालय द्वारा विकसित की जा रही तकनीकें क्षेत्र विशेष की जलवायु परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही हैं।
निरीक्षण के उपरांत वैज्ञानिकों के बीच सार्थक विचार-विमर्श हुआ।
उल्लेखनीय है कि यह पहल इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च के मार्गदर्शन में कृषि अनुसंधान को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। स्थानीय स्तर पर इसे बुंदेलखंड क्षेत्र के कृषि विकास के लिए सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
भ्रमण के दौरान आईसीआरआईसैट से आए डॉ. रमेश सिंह,विवि के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ सुशील कुमार सिंह सहित विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष,वैज्ञानिक एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
आनन्द बॉबी चावला झांसी।


