ब्यूरो चीफ शैलेन्द्रसिंह बारडोली गुजरात
मौजूदा युद्ध के बीच खाना पकाने की गैस की कमी ने सूरत जिले में कई सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करने वालो की मुश्किले बढ़ाई।
उत्तर भारतीय समुदाय के दूसरे सामूहिक विवाह की तारीख कुछ दिन पहले घोषित की गई थी, लेकिन खाना पकाने की गैस की हालिया कमी के बावजूद, आयोजकों ने दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ इस कार्यक्रम को सफल बनाया।सूरत जिले के गोदादरा गाँवमें आयोजित उत्तर भारतीय समुदाय के सामूहिक विवाह समारोह में 51 जोड़ों ने वैवाहिक जीवन में कदम रखा। शादी के दिन आयोजकों के गैस की चपेट में आने के बावजूद, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और सफलतापूर्वक समारोह संपन्न किया।
सामूहिक विवाह के आयोजकों ने सूरत जिले और अन्य क्षेत्रों से दो हजार किलो जलाऊ लकड़ी की व्यवस्था की ताकि विवाह समारोह से लाभान्वित होने वाले 15 हजार से अधिक मेहमानों को भोजन कराया जा सके।
शादियों का मौजूदा सीज़न चल रहा है, और कई समारोह इसलिए बर्बाद हो गए हैं क्योंकि पार्टी कैटरिंग के ऑर्डर ले चुके प्रबंधकों को व्यावसायिक गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। कई ऑर्डरों के लिए अग्रिम भुगतान लेने के बाद, उन्हें रद्द कर दिया गया है, जिसके परिणामस्वरूप कई समारोहमे आमंत्रितों की नवाजी मे बिनागेस व्यंजनों पकानेमे अड़चनें खड़ी हुई हैं।सूरत के गोदादरा में आयोजित एक सामूहिक विवाह समारोह में, आयोजकों ने उस अवसर के लिए पहलेसे जो तय किए गएथे वो सभी व्यंजन परोसे गए, लेकिन इस कठिन समय के दौरान, उत्तर भारतीय समुदाय के नेताओं ने इस आयोजन को एक खुशनुमा आयोजन में बदलकर एक अनूठा उदाहरण पेश किया।
फिलहाल यह देखा जा रहा है कि पूरे जिलेमें इसमेभी बारडोलीमें, विशेषकर राजमार्गों पर स्थित होटलों को व्यावसायिक सिलेंडरों की कमी के कारण होटल बंद करने के बोर्ड लगाने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है।यहां यह उल्लेख करना आवश्यक है कि सिलेंडरों की इस भारी कमी के बीच, चाहे वह खाना पकाने की गैस हो या व्यावसायिक उपयोग के लिए, गैस बाजार का पूर्व सरगना, जिसे बाजार का बादशाह माना जाता थाओर जब उनकी खुदकी एजेंसी नहीथी तभीसे गेस सिलिंडरोकी कलाबाजारी कारोबारी का बड़ा नेटवर्क पुरे जिलेमें फैला था। अभी खुदकी एंजेसी होनेपर सिलेंडरकी कटौती होनेसे पहले ही भंडारित व्यावसायिक सिलेंडरों को भरकर ग्राहकों के बीच कृत्रिम कमी पैदा करके अभी वर्तमान स्थितिमे खुला फायदा लोगोकी मजबूरिका उठा रहा है और उन्हें ऊंचे दामों पर बेच रहा है। काला बाजार का सरगना, स्थानीय मामलतदार, बारडोली के पास आया गोदाम में आनेका जानेका स्टॉक का हिसाब-किताब जांचकी आवश्यकता है। लोगों में यह चर्चा चल रही है कि न केवल उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी बल्कि एजेंसी का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।


