*होली की शुरुआत हरदोई से हुई, "भक्त प्रहलाद" की भव्य शोभा यात्रा से पौराणिक महत्व बढ़ा*
ब्यूरो रिपोर्ट TTN 24 NEWS
हरदोई। होली की धूम "भक्त प्रहलाद" की भव्य शोभा यात्रा देश से विदेश तक है। रंगों का त्योहार सभी जगह उत्साह से मनाया जा रहा है, लेकिन इसकी शुरुआत कहां से हुई शायद इसकी जानकारी कम लोगों को ही है।हिरण्याकश्यपु हरदोई का राजा था। यही पर नृसिंह अवतार लेकर भगवान ने राक्षस हिरण्याकश्यपु का वध किया था। भक्त प्रहलाद के सुरक्षित बच जाने पर खुशी में उनके साथियों ने बची राख एक दूसरे पर फेंक कर प्रहलाद के जीवन बचने की खुशी मनाई थी।
धीरे-धीरे राख की जगह रंग गुलाल उड़ाया जाने लगा। हिरण्याकश्यपु की राजधानी हरदोई में थी। आज भी सांडी रोड पर हिरण्याकश्यपु महल के अवशेष हैं, जहां पर भगवान नृसिंह ने अवतार लिया था, वहां पर नृसिंह मूर्ति स्थापित है, जिसका सुबह-शाम पूजन होता है।
दहन के बाद भक्त प्रहलाद ने जिस कुंड में स्नान किया था, उस कुंड को प्रहलाद कुंड कहते हैं। प्रहलाद कुंड नृसिंह मंदिर से कुछ दूर स्थित है। आज भी लोग इस कुंड पर भक्त प्रहलाद का पूजन करते है।
*नगर में निकाली भक्त प्रहलाद की भव्य शोभा यात्रा*
इस बार नगर में होली से पहले भक्त प्रहलाद की भव्य शोभा यात्रा भी निकाली गई। इसकी शुरुआत कलयुग में प्रहलाद नगरी जन कल्याण समिति द्वारा की गई। होली की भव्य शोभा यात्रा ने रचा नया इतिहास। इस नव चेतना के सूत्रधार समिति के अध्यक्ष शिवम द्विवेदी है। जिन्होंने इस यात्रा का शुभारंभ किया। भव्य शोभा यात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। इस यात्रा से जहां वर्तमान पीढ़ी को भी भक्त प्रहलाद के बारे में तमाम जानकारी मिली। तथा पौराणिक महत्व भी यात्रा से बढ़ा।
