प्लेस:कोटालपोखर/बरहरवा
ओम प्रकाश साह की रिपोर्ट
कोटालपोखर: सरस्वती शिशु मंदिर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया हिंदू नव वर्ष, गूंजे भारत माता के जयकारे
कोटालपोखर (साहिबगंज): दिनांक 19 मार्च 2026, गुरुवार को सरस्वती शिशु मंदिर, कोटालपोखर के प्रांगण में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (विक्रम संवत) अर्थात हिंदू नव वर्ष के आगमन पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के भैया-बहनों और आचार्य परिवार ने पूरे उत्साह के साथ भारतीय संस्कृति के इस महापर्व का स्वागत किया।भगवा ध्वज के साथ भव्य पद संचालन
कार्यक्रम की शुरुआत भव्य पद संचालन से हुई। हाथों में भगवा पध्वज थामे विद्यालय के भैया-बहनों ने पूरे क्षेत्र में भ्रमण किया। इस दौरान "नव वर्ष मंगलमय हो" और "भारत माता की जय" के नारों से पूरा वातावरण भक्तिमय और राष्ट्रप्रेम के रंग में डूब गया। छात्रों के अनुशासन और उत्साह को देखकर स्थानीय लोग भी अभिभूत नजर आए।
महापुरुषों को किया गया नमनपद संचालन के उपरांत विद्यालय परिसर में एक विशेष सभा आयोजित की गई। इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रथम सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार एवं सम्राट विक्रमादित्य के चित्रों पर
पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें सादर नमन किया गया।
प्रधानाचार्य का संबोधन: संस्कृति का महत्व
विद्यालय के प्रधानाचार्य तुलसी मंडल ने भैया-बहनों को संबोधित करते हुए हिंदू नव वर्ष और सम्राट विक्रमादित्य के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने डॉ. हेडगेवार के जीवन और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान के बारे में विस्तार से बताते हुए बच्चों को अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा दी।
गणमान्य जनों की गरिमामयी उपस्थितिइस उत्सव को सफल बनाने में विद्यालय प्रबंध समिति और आचार्य परिवार का पूर्ण सहयोग रहा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से:
* पदाधिकारी: सचिव भावेश साह, अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह, कोषाध्यक्ष प्रकाश साह।
* संरक्षक: मुनिलाल शर्मा।
* आचार्य एवं अन्य: गोविन्द कुमार साह, विकासचंद्र साह, अनुप लाल रजक, विप्लव सिंह, भीम घोष, रोहित कुमार साह, सुषमा कुमारी और रेखा अग्रवाल उपस्थित रहे।
संदेश: चैत्र शुक्ल प्रतिपदा केवल कैलेंडर का बदलाव नहीं, बल्कि हमारी प्रकृति और संस्कृति के पुनर्जागरण का प्रतीक है।


