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अरवल्ली गुजरात: गुजरात नीतिगत स्थिरता, पारदर्शिता, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस तथा विकास के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ सेमीकंडक्टर और चिप मैन्युफैक्चरिंग में तेजी से आगे बढ़ रहा है : मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल

 ब्यूरो रिपोर्ट भरतसिंह आर ठाकोर अरवल्ली गुजरात 9638076908


*केंद्रीय आईटी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, उप मुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अर्जुन मोढवाडिया और देश-विदेश के सेमीकंडक्टर इंडस्ट्रीज के दिग्गजों की विशेष उपस्थिति*


*गुजरात नीतिगत स्थिरता, पारदर्शिता, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस तथा विकास के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ सेमीकंडक्टर और चिप मैन्युफैक्चरिंग में तेजी से आगे बढ़ रहा है : मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल*

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*मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल :-*

*• यह कॉन्फ्रेंस देश के ग्रोथ इंजन गुजरात को टेक इंजन बनाने का संकेत है*

*• धोलेरा एसआईआर केवल ब्लूप्रिंट नहीं, बल्कि अब देश की सेमीकॉन सिटी बनने को तैयार है*

*• हम सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए आवश्यकतानुसार इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स के साथ-साथ युवा स्किल्ड वर्कफोर्स भी तैयार कर रहे हैं*

*• सेमीकॉन सेक्टर में नए निवेश के साथ आत्मनिर्भर और विकसित भारत@2047 के प्रधानमंत्री के संकल्प को चिप से चैम्पियन तक के सफर से चरितार्थ करने का गुजरात का लक्ष्य*


*केंद्रीय मंत्री इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव :-*

*• साणंद में माइक्रोन के पहले प्लांट की शुरुआत के साथ भारत ने दुनिया के सेमीकंडक्टर नक्शे पर विशेष स्थान प्राप्त किया*

*• भारत केवल चिप्स ही नहीं, बल्कि चिप बनाने की मशीनरी, मटेरियल और टेस्टिंग इकोसिस्टम भी विकसित करेगा*

*• सेमीकंडक्टर उद्योग में वैश्विक स्तर पर 20 लाख विशेषज्ञों की कमी होगी, जिसे भारत पूरा करेगा*

*• गुजरात के पास अतिरिक्त बिजली और क्लीन एनर्जी उपलब्ध होने के कारण राज्य में डेटा सेंटर्स स्थापित करने का बढ़िया अवसर* 


*उप मुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी :-*

*• गुजरात देश में सर्वाधिक ‘रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट’ की गारंटी देने वाला राज्य है*

*• गुजरात निवेशकों को निवेश के साथ-साथ सुरक्षित भविष्य की भी गारंटी देता है*

*• देश की केवल 5 फीसदी आबादी और 6 फीसदी भौगोलिक क्षेत्रफल वाले गुजरात की भारत के कुल मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट में 18 फीसदी, जीडीपी में 8 फीसदी, निर्यात में 30 फीसदी और कुल कार्गो हैंडलिंग में 40 फीसदी से अधिक की हिस्सेदारी* 


*मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री सहित महानुभावों ने राज्य की नई ‘साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन-एसटीआई 2026-31’ नीति का अनावरण किया*

*गांधीनगर, 01 मार्च :* मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने रविवार को गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में गुजरात सेमीकनेक्ट कॉन्फ्रेंस 2026 का उद्घाटन करते हुए कहा कि गुजरात नीतिगत स्थिरता, पारदर्शिता, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और विकास के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ सेमीकंडक्टर और चिप मैन्युफैक्चरिंग में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह कॉन्फ्रेंस देश के ग्रोथ इंजन गुजरात को टेक इंजन बनाने का स्पष्ट संकेत देती है।


इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत अब हार्डवेयर के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान सशक्त कर रहा है और ‘इंडिया इज रेडी, इंडिया इज रिलायबल एंड इंडिया डिलीवर्स’ का जो विश्वास उन्होंने दिलाया है, उसे इस गुजरात सेमीकनेक्ट कॉन्फ्रेंस के जरिए पूरा करने की मंशा है।


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत@2047’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में गुजरात ने एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। इसके अंतर्गत गांधीनगर के महात्मा मंदिर में मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में ‘गुजरात सेमीकनेक्ट कॉन्फ्रेंस 2026’ का भव्य प्रारंभ किया गया।


इस गरिमापूर्ण अवसर पर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, उप मुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अर्जुन मोढवाडिया सहित उद्योग जगत के दिग्गज विशेष रूप से मौजूद रहे।


प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से प्रेरित और राज्य सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से आयोजित इस ग्लोबल कॉन्फ्रेंस की थीम ‘गुजरात : भारत का सिलिकॉन गेटवे’ रखी गई है, जो हाई-टेक चिप निर्माताओं और स्थानीय उद्योगों के बीच रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा देगी।


मुख्यमंत्री ने गुजरात सेमीकनेक्ट कॉन्फ्रेंस 2026 को ‘राइट जॉब एट राइट टाइम’ बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के करकमलों साणंद में माइक्रोन प्लांट की शुरुआत से देश के लिए टेक्नोलॉजिकल युग की क्रांति का शंखनाद हुआ है।


मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इस ऐतिहासिक घटना के तुरंत बाद शुरू हो रही यह गुजरात सेमीकनेक्ट कॉन्फ्रेंस राज्य के सेमीकंडक्टर सेक्टर इकोसिस्टम की तैयारी को मजबूत करने और वैश्विक साझेदारों को राज्य में आकर्षित करने के साथ ही रिसर्च, इनोवेशन और सप्लाई चेन के लोकलाइजेशन के जरिए आत्मनिर्भर भारत का विजन पूरा करेगी।


मुख्यमंत्री ने सेमीकंडक्टर इंडस्ट्रीज के कप्तानों और निवेशकों को धोलेरा और साणंद में चिप मैन्युफैक्चरिंग एवं गिफ्ट सिटी में डिजाइन एवं फाइनेंस के समन्वय से राज्य में मौजूद एंड-टू-एंड एक्सक्लुजिव इकोसिस्टम के बारे में विस्तार से जानकारी दी।


उन्होंने कहा कि धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (एसआईआर) अब एक ब्लूप्रिंट नहीं रहा, बल्कि भारत की सेमीकॉन सिटी बनने जा रहा है। धोलेरा और साणंद में सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए भविष्य की आवश्यकतानुसार क्वालिटी इंफ्रास्ट्रक्चर, प्लग एंड प्ले फैसिलिटी और लॉजिस्टिक्स व्यवस्थाओं को आधुनिक बनाया है।

श्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गुजरात सेक्टर स्पेसिफिक नीति निर्माण के जरिए पॉलिसी ड्रिवन स्टेट, टेक्नोलॉजी-आधारित विकास को प्राथमिकता और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के कारण ग्लोबल कंपनियों और निवेशकों के लिए निवेश की पहली पसंद बन गया है।


उन्होंने कहा कि दुनिया के उद्योग जब कार्बन फुटप्रिंट और कार्बन टैक्स को लेकर चिंता में है, तब गुजरात पावर सरप्लस स्टेट और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अग्रणी रहकर ग्रीन ग्रोथ को प्राथमिकता देता है। गुजरात ऐसे सुदृढ़ इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ सेमीकॉन इंडस्ट्रीज के लिए युवा स्किल्ड वर्कफोस्र तैयार करने की दिशा में भी प्रतिबद्ध है और आईआईटी-गांधीनगर में इस उद्देश्य से ‘समर्थ’ प्रोजेक्ट के अंतर्गत नैनो फैब्रिकेशन लैब का निर्माण हो रहा है।


मुख्यमंत्री ने सेमीकॉन सेक्टर के निवेशकों को विश्वास दिलाया कि गुजरात सेमीकॉन सेक्टर में नए निवेश से प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर और विकसित भारत@2047 के संकल्प को चिप से चैम्पियन तक के सफर के जरिए चरितार्थ करने में आगे रहेगा और गुजरात में उनका निवेश सस्टेनेबल डेवलपमेंट का बेंचमार्क स्थापित करेगा।


*केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव*

इस अवसर पर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कल का दिन भारत के सेमीकंडक्टर सफर में एक ऐतिहासिक दिन था। साणंद में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के करकमलों से माइक्रोन के पहले प्लांट की शुरुआत के साथ भारत ने दुनिया के सेमीकंडक्टर नक्शे पर एक विशेष स्थान प्राप्त किया है। इस सफलता के बाद सरकार अब 'सेमीकॉन 2.0' लॉन्च करने जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत को न केवल मैन्युफैक्चरिंग, बल्कि डिजाइन, मशीनरी और टैलेंट का वैश्विक केंद्र बनाना है।


प्रधानमंत्री के विजन और क्रियान्वयन पर जोर देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत ने अतीत में सेमीकंडक्टर राष्ट्र बनने का सपना देखा था, जिस तरह से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इस क्षेत्र में एक स्पष्ट नीति बनाकर उसका सटीकता के साथ क्रियान्वयन किया गया, उसने इस सपने को हकीकत में बदल दिया है। जब वर्ष 2021 में इस संबंध में पहला प्रेजेंटेशन दिया गया था, तब प्रधानमंत्री ने 45 मिनट के बजाय 3 घंटे तक हर मामले पर गहराई से चर्चा की थी, जो इस मिशन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दिखाता है।


केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 'दौड़ने से पहले चलना सीखें' के सिद्धांत के साथ सेमीकॉन 1.0 सफल होने के बाद, अब सेमीकॉन 2.0 के अंतर्गत कुछ प्राथमिकताएं निर्धारित की गई हैं, जिसमें डिजाइन इकोसिस्टम के जरिए क्वालकॉम, ब्रॉडकॉम और एनवीडिया जैसी कंपनियां देश में ही तैयार हो, इसके लिए डीप-टेक स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन दिया जाएगा। भारत न केवल चिप्स, बल्कि चिप बनाने वाली मशीनरी, मटेरियल और टेस्टिंग इकोसिस्टम भी विकसित करेगा। जापान के मॉडल से सीख लेकर, भारत अगले 20 वर्षों के विजन के साथ यह मजबूत नींव बना रहा है।


वैश्विक टैलेंट हब के बारे में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर उद्योग में वैश्विक स्तर पर 20 लाख विशेषज्ञों की कमी होने वाली है, जिसे भारत पूरा करेगा। भारत ने 10 साल में 85 हजार इंजीनियर तैयार करने का लक्ष्य केवल चार वर्ष में ही हासिल कर लिया है। अभी देश की 315 यूनिवर्सिटियों में विद्यार्थी वास्तविक चिप्स डिजाइन कर रहे हैं। अब इस नेटवर्क को 315 से बढ़ाकर 500 यूनिवर्सिटी तक ले जाया जाएगा, ताकि हर राज्य के युवाओं को इस हाई-टेक क्षेत्र में रोजगार मिल सके।


केंद्रीय मंत्री श्री वैष्णव ने आगे कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर के स्तर पर 250 बिलियन डॉलर और डीप-टेक वीसी फंडिंग में 17 बिलियन डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है। वर्ष 2047 तक टैक्स इंसेंटिव्स का आश्वासन देते हुए सरकार ने नीतिगत स्थिरता दी है, जिससे भारत की आईटी इंडस्ट्री अब सॉफ्टवेयर सर्विसेज से आगे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई)-आधारित सर्विसेज में दुनिया का नेतृत्व करेगी।


उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने बजट में 2047 तक के प्रोत्साहन देकर डेटा सेंटर्स के लिए एक मजबूत नींव रखी है। चूंकि गुजरात के पास अतिरिक्त बिजली और क्लीन एनर्जी उपलब्ध है, इसलिए राज्य सरकार के पास डेटा सेंटर्स स्थापित करने का बढ़िया अवसर है। यह कदम भारत को दुनिया के डेटा हब के रूप में स्थापित करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विजन को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा।


केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का अभूतपूर्व विकास हुआ है, जो पिछले 10 वर्षों में 2 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। अभी इस उद्योग में 25 लाख लोगों को रोजगार प्राप्त है और यह 20 फीसदी से अधिक के कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (सीएजीआर) के साथ लगातार आगे बढ़ रहा है।


*उप मुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी*

उप मुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में गुजरात का साणंद भारत का नया सिलिकॉन वैली बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि गुजरात आज निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है। गुजरात देश में सर्वाधिक ‘रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट’ यानी निवेश पर प्रतिफल की गारंटी देने वाला राज्य है। गुजरात राज्य केवल निवेश के लिए नहीं है, बल्कि सुरक्षित भविष्य की गारंटी है। श्री संघवी ने निवेशकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि गुजरात में आज किया गया निवेश आने वाली 10 पीढ़ियों तक सुरक्षित रहेगा।


उप मुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी ने गुजरात की आर्थिक क्षमता के आंकड़े रखते हुए कहा कि गुजरात के पास देश की केवल 5 फीसदी आबादी और 6 फीसदी भौगोलिक क्षेत्रफल है, इसके बावजूद भारत के कुल मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट में गुजरात का योगदान 18 फीसदी से अधिक है। भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में गुजरात की हिस्सेदारी 8 फीसदी से अधिक है। देश के कुल निर्यात में 30 फीसदी से अधिक और कुल कार्गो हैंडलिंग में गुजरात का हिस्सा 40 फीसदी से अधिक है।


उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों से बनी हुई राजनीतिक और नीतिगत स्थिरता गुजरात की सबसे बड़ी ताकत है। गुजरात सरकार हमेशा निवेशकों की छोटी से छोटी समस्याओं को सुनकर उसका समाधान करने की भावना के साथ काम करती है। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में गुजरात के युवा वैश्विक स्तर का प्रशिक्षण प्राप्त कर तैयार हुए हैं और वे अन्य देशों के युवाओं के मुकाबले अधिक परिश्रमी सिद्ध हुए हैं।


*विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अर्जुन मोढवाडिया*

इस अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि जब दुनिया कोविड-19 की चुनौतियों से जूझ रही थी, तब कुछ सेक्टरों की सप्लाई चेन विशेष रूप से प्रभावित हो गई थी, जिनमें सेमीकंडक्टर सेक्टर महत्वपूर्ण है।


सेमीकंडक्टर का उत्पादन बंद होने से दुनिया के कई उद्योगों पर बुरा प्रभाव पड़ा। यह एक बड़ी चुनौती थी, इस चुनौती को एक अवसर मानते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश को सेमीकंडक्टर हब बनाने का निर्णय किया। इस परिकल्पना को साकार करने के लिए कल यानी शनिवार को प्रधानमंत्री के करकमलों से साणंद में देश के पहले माइक्रोन एटीएमपी प्लांट का उद्धाटन हुआ। हमें इस क्षेत्र में अभी बहुत कुछ करना बाकी है। मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात नॉलेज हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।


इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री एम.के. दास ने कहा कि शनिवार को हम सभी एक ऐतिहासिक पल के गवाह बने, जब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र माइक्रोन के निवेश का उद्घाटन किया। इस प्रोजेक्ट के साथ गुजरात अब सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का एक मजबूत केंद्र बन गया है।


उन्होंने कहा कि धोलेरा एसआईआर दुनिया के सबसे बड़े और अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर वाले क्षेत्रों में से एक है, जो हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के लिए तैयार है। इसके अलावा, गिफ्ट सिटी निवेशकों के लिए अभूतपूर्व वित्तीय ढांचा प्रदान करता है, जो गुजरात को वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी और उद्योग के लिए एक आदर्श राज्य बनाता है।


विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव श्रीमती पी. भारती ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के स्वप्न को साकार करने के लिए भारत अब केवल टेक्नोलॉजी का बाजार ही नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण निर्माता बनने की ओर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात भविष्य का इंतजार नहीं करता, बल्कि उसका निर्माण कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह कॉन्फ्रेंस केवल एक समारोह नहीं, अपितु सेमीकंडक्टर क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनने की गुजरात की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।


इस कॉन्फ्रेंस में राज्य में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को और मजबूत करने के लिए वैश्विक स्तर के दिग्गजों ने हिस्सा लिया। कॉन्फ्रेंस के तहत आयोजित थीमैटिक पैनल्स में मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, फाइनेंस, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और फ्यूचर स्किल्स पर विशेष चर्चा की गई। इसके अलावा, जापान और ताइवान जैसे देशों के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने के लिए ‘कंट्री राउंडटेबल’ का आयोजन भी किया गया।


समारोह में उद्योग एवं खान विभाग की अपर मुख्य सचिव सुश्री ममता वर्मा, उद्योग आयुक्त श्री पी. स्वरूप, धोलेरा एसआईआर के सीईओ श्री कुलदीप आर्य, गुजरात स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स मिशन की मिशन डायरेक्टर सुश्री नेहा कुमारी सहित आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों से जुड़े कई मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), प्रबंध निदेशक (एमडी), शोधकर्ता, नवोन्मेषक, प्रतिनिधिगण और विद्यार्थी मौजूद रहे।

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