कापसी के पशु चिकित्सकों ने पेश की मिसाल: जटिल सिजेरियन सर्जरी कर बचाई गाय की जान।
पत्रकार स्वतंत्र नामदेव
कांकेर जिला ब्यूरो
क्षेत्र के पशु चिकित्सा विभाग ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता और सेवा भावना का परिचय दिया है। ग्राम पीवी-28 में एक गाय का बेहद जटिल प्रसव मामला सामने आया था, जिसे पशु चिकित्सकों की टीम ने सफल सिजेरियन ऑपरेशन के माध्यम से सुलझाया।दिनांक 8 फरवरी 2026 को ग्राम पीवी-28 निवासी आनन्द घरामी की गाय प्रसव पीड़ा से जूझ रही थी। काफी समय बीत जाने के बाद भी गाय सामान्य रूप से बच्चे को जन्म नहीं दे पा रही थी। सूचना मिलते ही पशु चिकित्सालय कापसी के पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ डॉ. डी. के. कलिहारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे।
जाँच के दौरान यह पाया गया कि गर्भ में पल रहे बछड़े का सिर सामान्य से लगभग 5-6 गुना बड़ा था। इस शारीरिक विसंगति के कारण सामान्य प्रसव होना नामुमकिन था और गाय की स्थिति बिगड़ती जा रही थी।
3-4 घंटे चला जटिल ऑपरेशन
गौ माता के प्राणों की रक्षा को प्राथमिकता देते हुए, डॉ. कलिहारी ने पशुपालक की सहमति से तत्काल सिजेरियन सर्जरी (C-section) का निर्णय लिया। यह ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण था, जो लगभग 3 से 4 घंटे तक चला। डॉक्टरों की कड़ी मेहनत और सूझबूझ से बछड़े को बाहर निकाला गया। समाचार लिखे जाने तक गाय पूरी तरह स्वस्थ है और तेजी से रिकवर कर रही है।
*सफलता का 'तीसरा' अध्याय*
डॉ. देव कुमार कलिहारी के नेतृत्व में कापसी क्षेत्र में यह तीसरा सफल सिजेरियन ऑपरेशन है। इससे पहले किए गए दोनों ऑपरेशनों में भी गायें पूरी तरह स्वस्थ रही थीं। विशेष बात यह है कि पिछले सफल ऑपरेशनों में से एक गाय ने अपने अगले ब्यात में बिना किसी समस्या के सामान्य रूप से स्वस्थ बछड़े को जन्म दिया, जो चिकित्सा टीम की सफलता पर मुहर लगाता है।
इस जटिल सर्जरी को सफल बनाने में पूरी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
डॉ. डी. के. कलिहारी (पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ) ईश्वर निर्मल (AVFO)प्रमोद नेताम (AVFO)सूरज साहू (ड्रेसर) सुब्रत साना एवं कापसी व पखांजूर अस्पताल की टीम।
इस सफल सर्जरी की चर्चा पूरे क्षेत्र में है और पशुपालकों ने चिकित्सा टीम के प्रति आभार व्यक्त किया है।
