मिशन शक्ति केंद्र का पुलिस आयुक्त ने किया औचक निरीक्षण
•महिला सुरक्षा में कोताही पर नपेंगे पुलिसकर्मी•
मुकेश कुमार-स्टेट हेड
वाराणसी(उत्तर प्रदेश)। वाराणसी के पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बुधवार को थाना रोहनियां स्थित 'मिशन शक्ति केंद्र' का विस्तृत निरीक्षण किया। महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि महिलाओं से जुड़े अपराधों में किसी भी प्रकार की टालमटोल या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध तत्काल विभागीय कार्यवाही की जाएगी।पीड़िता से हर हफ्ते लिया जाएगा फीडबैक
निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिया कि घरेलू हिंसा या महिला उत्पीड़न के मामलों में केवल एफआईआर दर्ज करना ही काफी नहीं है। पुलिस को हर सप्ताह पीड़िता से संपर्क कर उसका फीडबैक लेना होगा।इस फीडबैक के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्यवाही तय की जाएगी,ताकि पीड़िता को वास्तविक न्याय मिल सके।
•15 दिनों में पूरी होगी विवेचना•
•पुलिस आयुक्त ने महिला अपराधों के निस्तारण में तेजी लाने के लिए कड़े निर्देश दिए•
•त्वरित विवेचना:छोटे प्रकरणों की जांच 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण करनी होगी।
•शत-प्रतिशत एफआईआर: बच्चों की गुमशुदगी और महिला अपराधों में 100% एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य है।
•एंटी-रोमियो स्क्वाड: मिशन शक्ति केंद्र के कर्मी 'एंटी-रोमियो स्क्वाड' के रूप में स्कूलों और कोचिंग संस्थानों के बाहर सक्रिय रहेंगे।
•संस्थानों के लिए नई गाइडलाइंस•
सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पुलिस आयुक्त ने शहर के सभी शैक्षणिक संस्थानों के लिए निर्देश जारी किए हैं:
सभी स्कूल,कॉलेज, कोचिंग सेंटर और महिला हॉस्टलों में CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य होगा।
संस्थानों के बाहर शिकायत पेटिका(Complaint Box)लगाई जाएगी, जिसकी नियमित निगरानी पुलिस करेगी।छात्राओं का पीछा करने या फब्तियां कसने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
["महिला संबंधी हर प्रकरण में संवेदनशीलता और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार आवश्यक है।पीड़िता की गरिमा और मर्यादा को बनाए रखते हुए पुलिस को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।"
—मोहित अग्रवाल,पुलिस आयुक्त,वाराणसी]

