बच्चा चोरी की अफवाहों पर बिहार पुलिस सख्त,मुख्यालय ने जारी की एडवाइजरी
मुकेश कुमार-स्टेट हेड-बिहार/झारखंड
पटना(बिहार)।सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों से राज्य में फैल रही बच्चा चोरी की भ्रामक सूचनाओं को लेकर बिहार पुलिस मुख्यालय ने कड़ा रुख अपनाया है।पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसी खबरें महज अफवाह हैं और इनका सच्चाई से कोई वास्ता नहीं है।पुलिस मुख्यालय ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें और कानून को अपने हाथ में न लें।अफवाह फैलाने वालों पर होगी नजर
पुलिस मुख्यालय के अपराध अनुसंधान विभाग(CID)और कमजोर वर्ग प्रभाग ने 25 फरवरी 2026 को राज्य के सभी IG,DIG और SP को निर्देश जारी किए हैं।सभी थानों को अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी भ्रामक सूचना का तत्काल सत्यापन किया जा सके।पुलिस ने नागरिकों से कहा है कि यदि उन्हें कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत डायल 112 पर सूचना दें।
लापता बच्चों की रिकवरी का डेटा
प्रेस विज्ञप्ति में पुलिस ने लापता बच्चों के आधिकारिक आंकड़े भी साझा किए हैं:
वर्ष 2025 का डेटा: कुल 14,699 बच्चों की गुमशुदगी दर्ज की गई।
बरामदगी: इनमें से 7,772 बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है।
जारी प्रयास:
शेष 6,927 बच्चों की तलाश के लिए पुलिस निरंतर अभियान चला रही है।मुख्यालय ने जिलों को निर्देश दिया है कि पुराने मामलों की समीक्षा की जाए,क्योंकि कई बार बच्चे घर लौट आते हैं लेकिन रिकॉर्ड अपडेट नहीं होने के कारण वे कागजों में अब भी लापता बने रहते हैं।
मानव तस्करी रोकने के लिए चाक-चौबंद व्यवस्था
तस्करी(Trafficking)की समस्या से निपटने के लिए राज्य में व्यापक सुरक्षा तंत्र बनाया गया है:
AHTU की तैनाती:
प्रदेश के जिलों और रेल जिलों में कुल 44 एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट(AHTU)कार्य कर रही हैं।
हवाई अड्डों पर निगरानी:
पटना,गया और दरभंगा एयरपोर्ट पर विशेष यूनिट तैनात हैं,जबकि पूर्णिया एयरपोर्ट के लिए प्रस्ताव प्रक्रिया में है।
विशेष निगरानी:
यदि कोई बच्चा 4 महीने तक बरामद नहीं होता है,तो उसका केस तत्काल 'मानव व्यापार निरोध इकाई' को सौंप दिया जाता है।
'मिशन वात्सल्य' और डिजिटल ट्रैकिंग
बिहार के 1196 थानों को राष्ट्रीय पोर्टल 'मिशन वात्सल्य' से जोड़ा गया है।लापता बच्चों के लिए M-Form(Missing Form)और बरामद बच्चों के लिए R-Form(Recovery Form)भरकर डेटा ऑनलाइन अपडेट किया जा रहा है,ताकि राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी निगरानी हो सके।
पुलिस की अपील:
"अफवाहों के आधार पर किसी निर्दोष के साथ हिंसा करना गंभीर अपराध है।पुलिस पर भरोसा रखें और केवल प्रमाणित सूचनाओं को ही साझा करें।"
