BPSC का बड़ा एक्शन: सोशल मीडिया पर भ्रामक दावे करने वाले अभ्यर्थी पर 5 साल का बैन
मुकेश कुमार-स्टेट हेड-बिहार/झारखंड
पटना(बिहार)।बिहार लोक सेवा आयोग ने परीक्षाओं की शुचिता और आयोग की छवि धूमिल करने के प्रयास के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।आयोग ने 70वीं संयुक्त(मुख्य) प्रतियोगिता परीक्षा के एक असफल अभ्यर्थी,प्रियतम कुमार प्रिय को आगामी 5 वर्षों के लिए आयोग की सभी परीक्षाओं से डिबार यानी प्रतिबंधित कर दिया है।•क्या है पूरा मामला?•
आयोग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अभ्यर्थी प्रियतम कुमार प्रिय ने सोशल मीडिया पर अपनी उत्तर-पुस्तिकाओं की तुलना सफल उम्मीदवारों की कॉपियों से करते हुए आयोग पर 'धांधली' के गंभीर आरोप लगाए थे।उन्होंने आयोग के अनुभवी परीक्षकों की योग्यता पर सवाल उठाते हुए उनके साथ सार्वजनिक मंच पर डिबेट करने की चुनौती भी दी थी।
•जांच में आरोप पाए गए निराधार•
मामले का संज्ञान लेते हुए आयोग ने प्रियतम कुमार से साक्ष्य और स्पष्टीकरण की मांग की थी।हालांकि,वे अपने दावों के समर्थन में कोई भी दस्तावेजी प्रमाण पेश करने में विफल रहे। आयोग ने स्पष्ट किया कि:
अभ्यर्थी द्वारा की गई तुलना तर्कहीन और पक्षपाती थी।उन्होंने बिना किसी सबूत के विशेषज्ञों की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाया।
डिजिटल फुटप्रिंट से पता चला कि वे एक कोचिंग संस्थान से जुड़े हैं और "सस्ती लोकप्रियता" के लिए सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर रहे थे।
आयोग की सख्त टिप्पणी
बीपीएससी ने कड़े शब्दों में कहा कि अभ्यर्थी के इस कृत्य से युवाओं और अन्य अभ्यर्थियों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हुई और आयोग के प्रति अविश्वास फैलाने की कोशिश की गई।आयोग ने यह भी रेखांकित किया कि उक्त अभ्यर्थी पूर्व की कई परीक्षाओं(65वीं,69वीं और 71वीं)में भी असफल रहे हैं,जो उनकी बौद्धिक क्षमता को दर्शाता है।
•अनुशासनात्मक कार्रवाई•
भ्रामक खबरें फैलाने और आयोग की छवि खराब करने के दोष में प्रियतम कुमार प्रिय को अब अगले 5 वर्षों तक बीपीएससी की किसी भी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं होगी।
नोट:-आयोग ने अन्य अभ्यर्थियों को भी आगाह किया है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी साझा करने या अफवाह फैलाने से बचें, अन्यथा उनके विरुद्ध भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई की जा सकती है।
