*पूजन के बाद मेला श्री राम नगरिया का शुभारंभ*
रिपोर्ट सौरभ दीक्षित जिला संम्बादाता फर्रुखाबाद
फर्रुखाबाद जिला अधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी व मुख्य विकास अधिकारी और अपर जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक आरती सिंह व अपर पुलिस अधीक्षक अरुण सिंह एसडीएम गजराज सिंहआदि ने आज दोपहर बाद गंगा तट पर हवन पूजन करके मेला श्री राम नगरिया का उद्घाटन किया उद्घाटन इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष फतेहचंद वर्मा भाजपा नेता,विमल कटियार,सपा जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव भाजपा नेत्री हेमा मिश्रा आदि अनेकों साधु-संत एवं समाजसेवी मौजूद रहे।गंगा के तट पर आस्था परम्परा,संस्कृति का प्रतीक मेला श्री राम नगरिया एवं विकास प्रदर्शनी भव्य रूप में देखी गई 3 जनवरी से 3 फरवरी तक चलने वाला यह ऐतिहासिक मेले पड़ोस जिलों के लाखों श्रद्धालु आंतें है।पूरे मेला क्षेत्र में धार्मिक वातावरण,मंत्रोच्चार और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखकर सनातन धर्म की धूम मच गई।मेला रामनगरिया के उद्घाटन समारोह में साधु संतों में रोश व्याप्त दिखाई दिया प्रशासनिक पंडाल में काफी संख्या में साधु संत उपस्थित थे किसी भी साधु संत को हवन के लिए नहीं आमंत्रित किया गया इस पर साधु संत नाराज होकर मेला पंडाल से वापस चले गए
वही छठी सीढ़ी पर जूना अखाड़ा के महंत सत्य गिरी महाराज ने छठी सीढ़ी पर मां गंगा जी के किनारे सैकड़ो साधु संतो के साथ हवन कर माता गंगा की आरती की और सत्य गिरी महाराज जी ने कहा है कि मेला साधू संतो का होता है मेला प्रशासन ने किसी साधू संत को हवन पूजन के लिए नहीं बुलाया गया और न किसी साधू संत को सम्मान दिया गया
मेला क्षेत्र की भव्य सजावट।
इस बर्ष मेला परिसर को विशेष रूप से आकर्षक ढंग से सजाया गया रंग बिरंगी लाइटों से जगमगाता गंगा तट,आकर्षक प्रवेश द्वार,भव्य मंच और सुसज्जित कल्पवास क्षेत्र मेले की भव्यता को और शोभायमान कर रहा है रात्रि में गंगा तट का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए आस्था और सौन्दर्य का अदभुत संगम हो जाता है मेले में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य,लोकगीत,रामकथा,भजन कीर्तन और विकास प्रदर्शनी लोगों का आकर्षण का केंद्र है।
कल्पवास का विशेष महत्व मेला श्री राम नगरिया में कल्पवास का धार्मिक महत्व है।दूर दराज से आए साधु-संत और श्रद्धालु पूरे एक माह तक गंगा तट पर कल्पवास करते हैं मान्यता है कि कल्पवास से आत्मशुद्धि होती है और पुण्य की प्राप्ति होती है।कल्पवासी गंगा स्नान,जप तप,दान और संयमित जीवन का पालन करते हैं इस दौरान पूरा क्षेत्रधार्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहता है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम।
मेला क्षेत्र में पुलिस बल व पीएसी की तैनाती, सीसीटीवी कैमरे से निगरानी,फायर ब्रिगेड,एबूलैस एवं मेडिकल कैंप की व्यवस्था,खोया पाया केन्द्र की स्थापना,महिला श्रद्धालुओ के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था,साफ सफाई,और पेयजल की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
विकास प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र।
मेले में लगी विकास प्रदर्शनी में विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा योजनाओं की जानकारी दी जा रही है स्वास्थ्य,शिक्षा,कृषि,महिला एवं बाल विकास,स्वरोजगार कल्याण से जुड़े स्टाल लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
मेले का ऐतिहासिक महत्व।
मेला श्री राम नगरिया का इतिहास सैकड़ों वर्षों पुराना है मान्यता है कि यह मेला भगवान श्री राम से जुड़ी धार्मिक परम्पराओं और गंगा स्नान की प्राचीन संस्कृति से संबंधित है पांचाल क्षेत्र में गंगा तट पर लगने वाला यह मेला समय के साथ जनपद का सबसे बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन बन गया है पहले यह मेला केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित था लेकिन अब इसमें विकास प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम जुड़ने से इसका स्वरूप और व्यापक हो गया है मेला श्री राम नगरिया हमारी आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है इस बार मेले का भव्य,सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने विशेष तैयारीयां की है कल्पवासियों और श्रध्दांलुओ की सुविधा प्राथमिकता है विकास प्रदर्शनी के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं को भी जन जन तक पहुंचाया जा रहा है।
वाईट जिला अधिकारी श्री आशुतोष कुमार द्विवेदी फर्रुखाबाद

