*फर्रुखाबाद के सिपाही गौरव यादव का मिला शव, बेटी की हत्या के बाद यमुना में लगाई थी छलांग*
रिपोर्ट सौरभ दीक्षित
जिला संवाददाता फर्रुखाबाद
फर्रुखाबाद जनपद के थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के ग्राम कुंइया बूट निवासी डायल 112 के चालक सिपाही गौरव यादव का शव छह दिन बाद बांदा में यमुना नदी से जुड़े एक नाले से बरामद किया गया। शव मिलने के बाद आज परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया। इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर है।बता दें कि बांदा के मरका थाना क्षेत्र में तैनात सिपाही गौरव यादव ने 14 जनवरी की शाम घरेलु कलह के बाद किराये के मकान में अपनी इकलौती मासूम बेटी की तवे से हमला कर हत्या कर दी थी, जबकि पत्नी शिवानी को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। पत्नी का कानपुर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है और वह अभी भी कोमा में है।
घटना को अंजाम देने के बाद सिपाही गौरव यादव मरका कस्बा स्थित यमुना पुल पर पहुंचे, जहां उनके दोनों मोबाइल फोन मिले थे। इसके बाद से ही आशंका जताई जा रही थी कि उन्होंने यमुना नदी में छलांग लगा दी है। एसडीआरएफ, गोताखोरों और स्थानीय लोगों की टीम लगातार उनकी तलाश में जुटी थी।
सोमवार सुबह यमुना नदी से जुड़े कुंडिया नाले में काई और जाल में फंसा उनका शव मिला, जिससे पूरे घटनाक्रम की पुष्टि हो गई। पुलिस ने शव को बाहर निकालकर परिजनों को सूचना दी। आज शव को फर्रुखाबाद लाकर अंतिम संस्कार किया गया।
गौरव यादव की इस दर्दनाक घटना ने फर्रुखाबाद में लोगों को झकझोर कर रख दिया है। गांव में मातम पसरा है और हर कोई मासूम बच्ची की मौत व परिवार के उजड़ने से स्तब्ध है।
