बसंत पंचमी पर पूरे शहर में होगी पतंगों की धूम: खरीदारी को उमड़ी भीड़।
रिपोर्ट सौरभ दीक्षित जिला संवाददाता फर्रुखाबाद
फर्रुखाबाद ज्ञान विज्ञान,संगीत और बुद्धि की देवी माता सरस्वती का जन्म बसंत को हुआ था बसंत पंचमी के उपलक्ष्य में बाज़ारो में रौनक देखने को मिली सबसे ज्यादा रौनक पतंगों की दुकानों पर देखने को मिली जिसमें हर उम्र का व्यक्ति बच्चा बूढ़ा और जवान शामिल थे।बसंत पंचमी को लेकर हाथों में पतंग और( मांझा) डोर लिए लोग उत्साहित दिखाई दिये बहुत सारे लोग जो बाहर रहते हैं।वह भी बसंत पंचमी का त्योहार मनाने बाहर से अपने घर आ गए।बहुत घरों में बसंत पंचमी की रौनक देखने के लिए रिश्तेदार बाहर से आ गए आज २२ जनवरी की सूर्य उदय से पूर्व ही डीजे बजाकर लोग पतंग उड़ाते देखें गए और ये देर रात तक बिजली की रोशनी में जारी है।डीजे पर पंजाबी,हरियाणावी,व फिल्मी गीतों पर थिरक कर पतंग उड़ती रही लजीज व्यंजनों बीच वो कटी सुनाई देगी।आवाजें गूंजती रही बसंत पंचमी की तैयारियों में सभी धर्मों के लोग कल सुबह का इन्तजार कर रहे हैं।पतंगों की दुकानों पर पतंग और मांझा खरीदने के लिए दुकानों पर भारी भीड़ देर तक पतंग और मांझा खरीदने में व्यस्त दिखाई दिये।शहर में बसंत पंचमी पर पतंगबाजी की परम्परा वर्षों पुरानी चली आ रही है।बच्चे और युवा पतंगों युवतियों को भी पतंग उड़ाते देखा जा सकता है शहर के मौहल्ला सुतहटटी,रेलवे रोड, पक्का पुल बजरिया,तिकोना,चौक,नाला मछरटटा,फरुखाबाद के निकट स्थित पतंगबाजो की दुकानों पर रंग-बिरंगी कागज से बनी पतंग और मांझा की बिक्री काफी रकम की हो चुकी है।दुकानदारों के चेहरों पर खुशहाली देखकर प्रतीत हो रहा है बसंत पंचमी के पर्व पर पतंगबाजी के साथ साथ गैस के रंग बिरंगे गुब्बारे भी बाजार की शोभा बढ़ा रहे हैं।बसंत पंचमी पर पतंगबाजी के साथ भुने आलू का भी मक्खन के साथ लुफ्त उठाते है।वसंत पंचमी पर्व पर कई जगह मन्दिर व अन्य स्थानों पर भंडारे का आयोजन भी होता है दिन के समय हजारों पतंगें आसमान में उड़ती है बसंत के दिन लोगो द्वारा अपनी छतों पर डीजे बजाकर नृत्य कर झूमते नजर आते हैं वो काटा वो आई की आवाजें माइक पर गूंजती रहती सभी लोग सपरिवार छतों पर चढ़कर बसंत पंचमी का आनन्द उठाते है और शाम को आतिशबाजी कर कैनडील उडाये जाते हैं।