रिपोर्ट भरतसिंह आर ठाकोर अरवल्ली गुजरात
साकरिया में दो दिवसीय एजुकेशनल इनोवेशन फेस्टिवल का आयोजन
आंगनवाड़ी से उच्च शिक्षा तक...
.11वां शैक्षिक नवाचार महोत्सव 2025-26 आयोजित
प्ले-बाय-प्ले सिख्स बुक्स से एआई तक...
अरावली में शैक्षिक नवाचार का उत्सव
अरावली जिले में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए 11वें शैक्षिक नवाचार महोत्सव 2025-26 का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम 29 और 30 जनवरी, 2026 को दो दिनों के लिए अरावली जिले के मोडासा तालुका के सकारिया में आयोजित किया गया था। इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य अरावली जिले के आंगनवाड़ी, प्राथमिक, माध्यमिक-उच्च माध्यमिक और प्रशिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों द्वारा बच्चों और छात्रों के बहुमुखी विकास के लिए किए गए "शैक्षिक नवाचार" के प्रदर्शन और प्रसार को बढ़ावा देना था। इस कार्यक्रम में कुल 41 प्रकार की नवीन परियोजनाओं का प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शनी में सरल गणित, एआई का महत्व, डिजिटल सेवाएं, खेल के माध्यम से सीखना, जीवन में भगवद गीता का महत्व, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा, मासिक धर्म स्वच्छता, देसी खेलों की विरासत और शिक्षा और आंगनवाड़ी योजनाओं सहित विभिन्न विषयों पर आकर्षक स्टॉल लगाए गए थे। ये सभी स्टॉल दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने और शिक्षा में नवीन दृष्टिकोण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।कार्यक्रम की शुरुआत प्रिंसिपल, जिला शिक्षा प्रशिक्षण भवन (डीआईईटी), अरावली, सुश्री रोज़लीन सुवेरा के स्वागत भाषण से हुई। फिर शिक्षा समिति की अध्यक्ष श्रीमती शांताबेन परमार ने अपने संबोधन में शिक्षकों के अभिनव प्रयासों की सराहना की और उन्हें भविष्य में और अधिक नवाचार अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।विशिष्ट अतिथियों में जिला शिक्षा अधिकारी श्री उषाबेन गमीत, जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी श्री नैनेश दवे, डीआईसी.सीओ आरडी.ओमेगा पांडव और सभी तालुका प्राथमिक शिक्षा अधिकारी (टीपीईओ), बीआरसी, सीआरसी, एईआई और विभिन्न शिक्षक संघ उपस्थित थे।
अरावली जिले में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने और शिक्षकों के रचनात्मक प्रयासों को सम्मानित करने के लिए यह शैक्षिक नवाचार महोत्सव एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ है। ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों के सर्वांगीण विकास को गति मिलेगी और शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्तापूर्ण सुधार आएगा।

