रिपोर्ट भरतसिंह आर ठाकोर अरवल्ली गुजरात
*इंटीग्रेटेड सिरामिक पार्क जांबुडिया-पानेली : एक विशिष्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ औद्योगिक विकास का नया केन्द्र*
*मोरबी से वैश्विक बाजारों तक : वीजीआरसी राजकोट में एडवांस्ड सिरामिक्स में रणनीतिक निवेश के अवसर*
*गांधीनगर, 31 दिसंबर :* जांबुडिया-पानेली में गुजरात औद्योगिक विकास निगम (जीआईडीसी) द्वारा विकसित किए गए इंटीग्रेटेड सिरामिक पार्क के लोकार्पण को राज्य के औद्योगिक इतिहास में एक मील के पत्थर समान उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। यह महत्वपूर्ण पहल माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित गुजरात से विकसित भारत’ के विजन को साकार करने वाली दिशा में एक सशक्त कदम है। जीआईडीसी इंटीग्रेटेड सिरामिक पार्क गुजरात के उत्पाद क्षेत्र के भविष्य को मजबूत आधार देता है और एक परिवर्तनशील अवसर प्रदान करता है।*जांबुडिया-पानेली में जीआईडीसी का रणनीतिक औद्योगिक विकास*
जीआईडीसी द्वारा मोरबी-राजकोट औद्योगिक पट्टे में जांबुडिया-पानेली में एक महत्वपूर्ण इंटीग्रेटेड सिरामिक पार्क विकसित किया जा रहा है। 1050 एकड़ क्षेत्र में फैला यह पार्क विश्वविख्यात मोरबी सिरामिक क्लस्टर के निकट होने के कारण मजबूत एवं स्थापित औद्योगिक इकोसिस्टम का पूरा लाभ उठाता है।
*मूल्य श्रृंखला में विस्तार तथा औद्योगिक प्रभाव*
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की संरचना सिरामिक उद्योग की समग्र मूल्य श्रृंखला में उपस्थिति को विस्तृत करने के लिए की गई है। पार्क में मुख्यतः टाइल्स तथा सेनेटरी वेयर उत्पादन पर बल दिया जाएगा तथा औद्योगिक एवं एडवांस्ड सिरामिक्स जैसे उच्च मूल्य वाले और विशिष्ट सेगमेंट्स में नए निवेश को प्रोत्साहन दिया जाएगा। यह पहल गुजरात को वैश्विक सिरामिक उत्पाद मानचित्र पर और मजबूत स्थान दिलाएगी।
*लॉजिस्टिक्स तथा रणनीतिक कनेक्टिविटी*
जांबुडिया-पानेली सिरामिक पार्क को उत्तम लॉजिस्टिक्स तथा कनेक्टिविटी का लाभ मिलता है। यह क्षेत्र राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) संख्या 27 से मात्र 1.5 किलोमीटर दूर स्थित है, जबकि मोरबी का निकटस्थ रेलवे स्टेशन 12 किलोमीटर की दूरी पर है। इसके अलावा; राजकोट में स्थित हीरासर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लगभग 70 किलोमीटर तथा मकनसर स्थित इनलैंड कंटेनर डिपो केवल 5 किलोमीटर दूर है। नवलखी (48 किलोमीटर), कंडला (139 किलोमीटर) और मुंद्रा (195 किलोमीटर) जैसे मुख्य बंदरगाहों की निकटता वैश्विक निर्यात के लिए महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करती है।
*बेस्पोक इन्फ्रास्ट्रक्चर तथा आधुनिक सुविधाएँ*
इस पार्क की विशेषता यह है कि यहाँ उद्योगों की निश्चित आवश्यकताओं के अनुरूप बेस्पोक इन्फ्रास्ट्रक्चर (विशिष्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर) तथा विशिष्ट सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। एस्टेट में कॉमन डिसप्ले सेंटर, एनएबीएल-प्रमाणित प्रयोगशाला से युक्त सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा नवाचारा को प्रोत्साह देने एवं कार्यबल की कुशलता बढ़ाने के लिए कौशल विकास केन्द्र स्थापित किया जाएगा।
उद्योगों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखकर 30 एमएलडी क्षमता वाली समर्पित जलापूर्ति व्यवस्था विकसित की जाएगी। विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति के लिए एस्टेट में तीन सबस्टेशन हेतु भूमि आवंटित कर दी गई है; जिनमें दो 66 केवी और एक 220 केवी क्षमता वाले सबस्टेशन होंगे। इसके अतिरिक्त; पर्यावरणीय रूप से दायित्वपूर्ण कामकाज सुनिश्चित करने हेतु ठोस कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था एवं सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के लिए भी सुविधा उपलब्ध रहेगी।
*वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (वीजीआरसी) – कच्छ एवं सौराष्ट्र : औद्योगिक विकास का सशक्त मंच*
आगामी वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (वीजीआरसी) – कच्छ एवं सौराष्ट्र के दौरान राजकोट में क्षेत्र के सिरामिक्स, बंदरगाहों, लॉजिस्टिक्स तथा ग्रीन एनर्जी आदि से जुड़े अग्रणी उद्योगों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। 11 तथा 12 जनवरी, 2026 के दौरान राजकोट में आयोजित होने वाली यह कॉन्फ्रेंस स्थानीय उद्योगों, उद्योग अग्रणियों तथा निवेश भागीदारों के लिए सहयोग एवं वृद्धि के नए अवसरों का सृजन करेगी।
प्रतिनिधि जांबुडिया-पानेली सिरामिक पार्क को औद्योगिक विकास, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन तथा कौशल विकास के मॉडल के रूप में देख रहे हैं। मोरबी के आसपास उपलब्ध विशाल एवं कुशल मानव संसाधन तथा गुणवत्तायुक्त ढाँचागत सुविधाएँ प्रदान करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। इस मजबूत आधार के कारण यह पार्क सिरामिक क्षेत्र में गुणवत्ता तथा टेक्नोलॉजिकल प्रगति का अग्रणी केन्द्र बना है।
