रिपोर्ट भरतसिंह आर ठाकोर अरवल्ली गुजरात
*वीजीआरसी-2026*
*वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में 5.78 लाख करोड़ रुपए के 5492 एमओयू संपन्न : कैबिनेट मंत्री श्री जीतूभाई वाघाणी*
*विकसित भारत@2047 के संकल्प में सौराष्ट्र–कच्छ बनेगा देश का ग्रोथ इंजन : मंत्री श्री जीतूभाई वाघाणी*
*श्री जीतूभाई वाघाणी ने 15 जनवरी तक चलने वाली एग्जीबिशन का अधिक से अधिक लाभ लेने का औद्योगिक इकाइयों और नागरिकों से किया अनुरोध*
*सौराष्ट्र के उद्योगकार न्यू एज टेक्नोलॉजी क्षेत्र में निवेश कर आगे बढ़ें : कैबिनेट मंत्री श्री अर्जुनभाई मोढवाडिया का आह्वान*
*‘वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस’ सौराष्ट्र कच्छ की क्षमता को दुनिया के समक्ष उजागर करने का बड़ा प्लेटफॉर्म बनी : कैबिनेट मंत्री श्री अर्जुनभाई मोढवाडिया*
*वीजीआरसी में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले एमएसएमई और प्रतिभागियों को पुरस्कार से सम्मानित किया गया*
राजकोट स्थित मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में आयोजित दो दिवसीय ‘वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस-कच्छ और सौराष्ट्र’ का सोमवार को समापन हुआ। कैबिनेट मंत्री श्री जीतूभाई वाघाणी ने इस कॉन्फ्रेंस के दौरान 5.78 लाख करोड़ रुपए के निवेश के 5492 समझौता ज्ञापन (एमओयू) होने की घोषणा की।समापन समारोह को संबोधित करते हुए राज्य के कैबिनेट मंत्री श्री जीतूभाई वाघाणी ने कहा कि वर्ष 2047 तक सौराष्ट्र और कच्छ को विकसित बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक ठोस रोडमैप तैयार किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जब वर्ष 2003 में वाइब्रेंट गुजरात की शुरुआत की थी, तब उन्हें अनेक आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था, लेकिन उनके अचल विश्वास और विजन के कारण आज गुजरात और भारत विकास की लंबी छलांग लगा रहे हैं। उन्होंने गर्व से कहा कि इस रीजनल कॉन्फ्रेंस में हमारे प्रधानमंत्री की मौजूदगी, जिनसे दुनिया भर की प्रतिष्ठित औद्योगिक इकाइयां मिलने को आतुर होती हैं, यह दर्शाती है कि सौराष्ट्र और कच्छ का विकास उनके लिए कितना मायने रखता है।
मंत्री श्री वाघाणी ने वाइब्रेंट गुजरात की ऐतिहासिक यात्रा और सफलता के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि वर्ष 2003 में पहले वाइब्रेंट गुजरात के दौरान केवल 66 हजार करोड़ रुपए के 80 एमओयू किए गए थे, जिसके मुकाबले आज राजकोट में आयोजित इस रीजनल कॉन्फ्रेंस में ही 5.78 लाख करोड़ रुपए के 5492 एमओयू संपन्न हुए हैं। ये आंकड़ें और अनेक देशों की सहभागिता प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी पर अटूट विश्वास को दिखाते हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत, स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसे आयाम साकार हो रहे हैं, जिसका सीधा लाभ गुजरात के उद्योगपतियों और इकाइयों को मिल रहा है।
उन्होंने कॉन्फ्रेंस के दौरान विभिन्न सेक्टरों में हुई गहरी चर्चाओं के उद्योगों के लिए मार्गदर्शक साबित होने का विश्वास व्यक्त करते हुए औद्योगिक इकाइयों और नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में आगामी 15 जनवरी तक चलने वाली वाइब्रेंट गुजरात रीजनल एग्जीबिशन का लाभ लेने का अनुरोध किया। अंत में, उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि जब भारत विश्वगुरु के स्थान पर विराजेगा, तब सौराष्ट्र और कच्छ उसके मुख्य ग्रोथ इंजन के रूप में उभरेंगे।
इस अवसर पर राज्य के पर्यावरण मंत्री श्री अर्जुनभाई मोढवाडिया ने कहा कि ‘वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस’ सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र की क्षमता को दुनिया के समक्ष उजागर करने का एक बड़ा प्लेटफॉर्म बनी है।
विभिन्न ऐतिहासिक किस्सों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कच्छ और सौराष्ट्र के लोगों की नस-नस में उद्यमिता भरी है। एक समय था जब सौराष्ट्र के नाविक समंदर पर राज करते थे।
उन्होंने सौराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों की औद्योगिक विशेषताओं का परिचय देते हुए कहा कि राज्य का प्रत्येक क्षेत्र किसी न किसी कौशल से भरा है और इसमें सौराष्ट्र का दबदबा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में पोरबंदर, द्वारका और सोमनाथ बेल्ट दुनिया का सबसे बड़ा पर्यटन क्षेत्र बनने जा रहा है। देश और राज्य में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की प्रगति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गुजरात राज्य वर्ष 2027 में सेमीकंडक्टर क्षेत्र का हब बन जाएगा।
इस अवसर पर उन्होंने कच्छ और सौराष्ट्र के उद्योगपतियों से न्यू एज टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में निवेश करते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया।
उद्योग विभाग की सचिव सुश्री ममता वर्मा ने स्वागत भाषण में सौराष्ट्र–कच्छ क्षेत्र के लिए वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस को गौरवपूर्ण क्षण करार देते हुए कहा कि पिछले दो दिनों में ‘स्केल और स्किल’ के समन्वय के साथ उद्यमियों को एक मजबूत प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया गया है। बीटूबी, बीटूजी, रिवर्स बायर्स-सेलर्स मीट और 50 से अधिक सेमिनारों के आयोजन से युवा पीढ़ी को भी एक नई दिशा मिली है।
इस अवसर पर उद्योग आयुक्त श्री पी. स्वरूप ने प्रेजेन्टेशन के माध्यम से वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस की सफल यात्रा की विस्तार से जानकारी दी।
मारवाड़ी यूनिवर्सिटी के संस्थापक श्री केतन मारवाड़ी ने अपने संबोधन में कहा कि वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस ने साबित कर दिया है कि भारत आज विश्व मंच पर नई ऊंचाइयों को छू रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में आयोजित कॉन्फ्रेंस में 24 देशों के प्रतिनिधियों और 4000 उद्यमियों की उपस्थिति एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य लोगों के करकमलों से ‘कच्छ एंड सौराष्ट्र : एंकरिंग गुजरात्स विजन’ पुस्तक का विमोचन किया गया।
इस मौके पर श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विभिन्न एमएसएमई के उद्योगकारों, हस्तकला कारीगरों और उद्योग विभाग का पुरस्कार के साथ सम्मान किया गया, जबकि मारवाड़ी यूनिवर्सिटी के संचालकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनका भी सम्मान किया गया।
समापन समारोह में मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार श्री हसमुख अढिया, राजस्व विभाग की अपर मुख्य सचिव सुश्री जयंती रवि, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रवीणाबेन रंगाणी, विधायक सर्वश्री डॉ. दर्शिताबेन शाह, रमेशभाई टीलाळा, एलएंडटी के सीईओ श्री सिद्धार्थ गुप्ता, ज्योति सीएनसी के चेयरमैन श्री पराक्रमसिंह जाडेजा, मारवाड़ी यूनिवर्सिटी के सह-संस्थापक श्री जीतूभाई चंदाराणा, राजकोट चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्री वी.पी. वैष्णव, अग्रणी उद्योगकार, व्यापार-उद्योग जगत के प्रतिनिधि और उच्च अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
