*जनापुर में भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन , हजारों की संख्या में उपस्थित हुए लोग*
अमेठी से आदर्श प्रताप सिंह की रिपोर्ट
अमेठी के विकासखंड तिलोई के जनापुर गांव में आयोजित हुआ भव्य हिंदू सम्मेलन जिसने पूरे क्षेत्र में उत्साह और सामाजिक चेतना की एक नई लहर पैदा कर दी। यह आयोजन हिंदू समाज को एक मंच पर लाने और सामूहिक एकता को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया था। सम्मेलन का शुभारंभ “भारत माता की जय” के उद्घोष के साथ हुआ, जिसने पूरे माहौल को उत्साह और ऊर्जा से भर दिया। इसके बाद मंच पर आए वक्ताओं ने हिंदू समाज की एकता, सांस्कृतिक मूल्यों की सुरक्षा और राष्ट्रहित में संगठित रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। मुख्य संदेश यह रहा कि ऊंच-नीच और जातिगत भेदभाव को मिटाकर समाज को एक साथ खड़ा करना ही सच्चा धर्म है। सभी उपस्थित लोगों को समरसता और भाईचारे के लिए सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया गया। सम्मेलन का सबसे अनोखा और हृदयस्पर्शी हिस्सा रहा ‘समरसता भोज’, जिसमें सामाजिक और आर्थिक स्तर चाहे जो भी हो, सभी लोग एक साथ बैठकर भोजन कर रहे थे। इस पहल ने यह संदेश दिया कि धर्म केवल आस्था नहीं, बल्कि एकता, सहयोग और मिल-जुलकर काम करने में भी निहित है। उपस्थित लोगों ने कार्यक्रम को भविष्य के लिए प्रेरणा और सामाजिक चेतना का प्रतीक बताया। युवा उपस्थित लोगों ने हिंदू समाज की सांस्कृतिक विरासत और एकजुटता को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।इस अवसर पर हजारों लोगों के खाने और बैठने की पूरी व्यवस्था की गई। कार्यक्रम का समापन भारत माता की आरती करने के बाद हुआ ।वहीं इस सम्मेलन में ग्राम प्रधान जनापुर , अरुण प्रताप सिंह , ग्राम प्रधान बेलवा हसनपुर नीलू सिंह , प्रधान भागीरथपुर शैलेंद्र पाल , पूर्व प्रधान, शाहमऊ अंबरीश त्रिपाठी प्रधान संघ अध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी , जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र भारती , प्रधान अगौना संदीप शुक्ला , हनुमान साहू , अमरलाल समेत क्षेत्र के हजारों लोग उपस्थित रहे। इस भव्य आयोजन ने यह साबित किया कि सामाजिक चेतना और संस्कृति की ताकत लोगों के सामूहिक प्रयास से ही सामने आती है। जनापुर का यह सम्मेलन न केवल धार्मिक समर्पण का प्रतीक रहा, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे की एक जीवंत मिसाल भी बन गया।
