लोकेशन -पाकुड़
रिपोर्ट -सुजीत कुमार
स्लग - डी ए वी प्रांगण में आयोजित किया गया मानवाधिकार जागरूकता कार्यक्रम
एंकर : डी.ए.वी पब्लिक स्कूल के प्रांगण में विद्यालय के प्रार्थना सभा में मानवाधिकार दिवस पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बच्चों को मानवाधिकार के प्रति जागरूक किया गया। स्कूली बच्चों ने अन्य देशों में अल्पसंख्यकों के ऊपर हो रहे अत्याचार के विरोध में मानव श्रृंखला बनाया एवं मानवाधिकार की सुरक्षा हेतु आवाज उठाने की अपील की। छात्रों को जागरूक करने हेतु भाषण एवं पेंटिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जिसमें समानता, गरिमा और सभी के अधिकारों के महत्व पर जोर दिया गया ताकि वे न्यायपूर्ण और समावेशी समाज के निर्माण में योगदान कर सकें। इन कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शिक्षा, शिक्षा का अधिकार, समानता का अधिकार और लैंगिक समानता जैसे विषयों पर जानकारी दी गई।इस मौके पर सभी बच्चों एवं शिक्षकों ने शपथ ली कि वे अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा से पालन करेंगे और दूसरों को भी पालन करने के लिए प्रेरित करेंगे।
अपने संबोधन में विद्यालय प्राचार्य डॉ विश्वदीप चक्रवर्ती ने बताया कि मानवाधिकार वे अधिकार हैं जो हमें सिर्फ इसलिए मिले हैं कि हम मनुष्य के रूप में मौजूद हैं। यह किसी राज्य द्वारा प्रदान नहीं किया जाता है। यह एक सार्वभौमिक अधिकार है जो हम सब में निहित है। हमारी राष्ट्रीयता, लिंग, जातीय मूल्य रंग, धर्म, भाषा या कोई अन्य स्थिति कुछ भी हो, मानवाधिकार एक बुनियादी अधिकार है जो जीवन को जीने के लायक बनाती है। उन्होंने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उसके अधिकारों को प्रयोग करने पर बल दिया। उनके अनुसार समाज से नैतिक भावनाओं का धीरे धीरे लोप हो रहा है जो मानवाधिकारों के हनन के लिए जिम्मेदार है। यह दिवस हमें इन बातों पर चिंतन करने का अवसर प्रदान करता है।
प्राचीन और मध्यकाल में मानव के जिन अधिकारों को छीना गया है, उन्हें पूरी तरह प्रदान करना ही इस दिवस का मूल उद्देश्य है।

