विश्व पर्यावरण दिवस: समय रहते नहीं चेते , तो आने वाली पीढ़ी हमें क्षमा नहीं करेंगी:आचार्य श्री पुरुषोत्तम दास त्यागी
🙏🙏🌹🌹🙏🙏🌹🌹"सादर जय सियाराम"
"विश्व पर्यावरण दिवस"
5-जून 'विश्व पर्यावरण दिवस' मनाया जाता है , पर पर्यावरण की रक्षा एक दिन का काम नहीं अपितु , संपूर्ण जीवन का व्रत है ।
जब हम धरती को 'मां और प्रकृति को 'भगवान का 'रुप' नहीं मानेंगे ,तब तक वास्तविक बदलाव नहीं आयेगा ।
याद रखें - प्रकृति हमें सब कुछ देती है ।
यदि हम आज पर्यावरण बचाया , तो कल पर्यावरण हमें बचाएगा ।
पर सभी भक्तगण को सहृदय आभार व्यक्त करता हूं ।
जब 'पर्यावरण-सेवा' विशेष धर्म' बन जाती है , तब:
1- पेड़ लगाना 'पूजा' हो जाता है ,
2- 'जल' बचाना 'जप' हो जाता है ,
3-'धरती' की 'स्वच्छता' हो जाती है ।
गुरुदेव आज 'विश्व पर्यावरण दिवस' है ।
पर गुरुदेव आपके 'अपनाएं हुए, इस दास के लिए तो हर दिन 'धरती माता सेवा दिवस' है ।
'पर्यावरण' न 'दिवस' रहे , 'जीवन' का 'धर्म' बने ।
पर्यावरण का महत्व एवं जीवन का आधार: शुद्ध वायु सांस लेने के लिए , शुद्ध जल पीने के लिए ,
पर्यावरण संकट के कारण :
आज मनुष्य ने विकास के नाम पर पर्यावरण को सबसे अधिक हानि पहुंचाई है ।
पर्यावरण संकट के परिणाम :
ग्लोबल वार्मिंग से ग्लेशियर पिघल रहे हैं , मौसम बदल रहा है ।
बेमौसम बारिश , सूखा , बाढ़ आम हो गई है ।
नई-नई बिमारियां जन्म ले रही है ।
यदि समय रहते नहीं चेते , तो आने वाली पीढ़ी हमें क्षमा नहीं करेंगी ।
समाधान -हम करता करें ?
पर्यावरण बचाना केवल सरकार का काम नहीं , हर नागरिक का धर्म है ।
1-वृक्षारोपण : जन्मदिन त्योहार केक नहीं , एक पेड़ लगाएं ।"एक व्यक्ति, एक पेड़" का संकल्प लें ,
2-जल-संरक्षण: नल बंद रखें , वर्षों जल संचयन करें ।
बूंद-बूंद की कीमत समझें ।
3-जागरुकता : अपने परिवार , मित्रों को भी प्रर्यावरण के प्रति जागरूक करें ।
[आचार्य श्री पुरुषोत्तम दास त्यागी]
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