लोकेशन आलोट जिला ब्यूरो डॉक्टर सुनील चोपड़ा
आलोट अस्पताल में बीएमओ से मारपीट, 2 आरोपी जेल, अमजद फरार
मेडिकल कराने ले गई पुलिस, वाहन खराब तो पैदल ले गए थाने
सरकारी अस्पताल में भर्ती घायल युवक को मेडिकल कॉलेज रेफर करने की बात पर उसके साथियों ने बीएमओ डॉ देवेंद्र कुमार मौर्य के साथ मारपीट कर दी थी। घटना के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि मुख्य आरोपी अमजद समेत 3 साथी अभी फरार हैं।जानकारी के अनुसार सड़क दुर्घटना में घायल मुमताज को 15 जून रात करीब 9:30 बजेआलोट सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ड्यूटी डॉक्टर रोहित चौधरी ने उपचार के बाद मुमताज को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। रात करीब 11 बजे अमजद ने बीएमओ डॉ देवेंद्र कुमार मौर्य को फोन कर आईसीयू में घायल को देखने बुलाया। डॉ मौर्य वहां पहुंचे और रेफर की बात कहने पर अमजद व उसके साथी आक्रोशित हो गए और डॉ मौर्य से गाली-गलौच कर मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने उन्हें चैंबर तक ले जाकर मारपीट की।
एफआईआर दर्ज, बीएनएस की 5 धारा
बीएमओ डॉ. देवेंद्र कुमार मौर्य की रिपोर्ट पर आलोट थाने पर एफआईआर क्रमांक 0320/2026 दर्ज किया गया। थाना प्रभारी मुनेन्द्र गौतम के अनुसार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 132, 121(1), 296(बी), 351(2), 3(5) में प्रकरण दर्ज किया गया है।
पुलिस ने आरोपी इमरान पुत्र जाकिर कुरैशी उम्र 39 वर्ष, निवासी मेवातीपुरा आलोट तथा वसीम पुत्र अकबर शाह उम्र 36 वर्ष निवासी फकीर मोहल्ला आलोट को गिरफ्तार किया।
बुधवार को दोनों आरोपियों का मेडिकल कराने सिविल हॉस्पिटल आलोट ले जाया गया। मेडिकल के बाद वापस थाने ले जाते समय पुलिस का वाहन खराब हो गया। वाहन खराब होने के कारण पुलिसकर्मियों को आरोपियों को पैदल ही थाने तक ले जाना पड़ा। इसके बाद दोनों को आलोट न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायालय ने उन्हें जावरा जेल भेज दिया।
अमजद समेत 3 फरार, मोबाइल बंद
मारपीट के मुख्य आरोपी अमजद और उसके दो अन्य साथी अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पुलिस के अनुसार तीनों के मोबाइल बंद हैं। पुलिस की टीम आरोपियों की तलाश में जुटी है। अस्पताल में लगे सीसीटीवी फुटेज पुलिस ने जब्त किए हैं।
काम बंद कर थाने पर दिया धरना
घटना से आक्रोशित डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों ने मंगलवार सुबह काम बंद कर हड़ताल कर दी थी। नायब तहसीलदार राजेश पाटीदार को एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा गया और आरोपियों के खिलाफ मकान का अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाने की मांग की थी लेकिन प्रशासन ने अभी यह कार्रवाई नहीं की है ।
