ब्यूरोचीफ शैलेन्द्रसिंह बारडोली गुजरात
सर, पेपर लीक पर क्या बोलेंगे, बोलिये सर" छात्रोंकी मेहनत को मजाक समझने वाला शिक्षा मंत्री बिल्ली पैर भाग गये।
पत्रकार सवाल पूछते रहे और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मुंह छिपा भागते रहे थे तभी शायद धर्मेंद्र प्रधानको यूजी नीट का फुलफॉर्म भी शायद पता नहीं होगा।ये दूसरी बार है, जब धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में NEET का पेपर लीक हुआ है.2024 में पेपर लीककांड ऐसी घटनाएं भाजपा नेताओं के लिए सामान्य बनगई जिसकी वजह से ये पेपर लीक कांड का सिलसिला हरसाल होता है ओर जांच के नामपर पुरा मामला दफन हो जाता है।
यह खबर अति सुर्खियों में चल रही हैं और दशो दिशाओं में तो छोड़ो समग्र पृथ्वीलोक पर देश का उज्जवल भविष्य निर्माण करनेवाले युवा शक्ति और सच्चे धर्म प्रेमी भाविक भक्तों और सच्चे देशभक्तो में अति आक्रोश दिखाई दे रहा है।जिम्मेदारी वाले पद पर बैठे लोगों पर यह आक्रोश थोड़े दिन और बढ़ा तो कुछ अति बड़ा हो जाने की पुरी संभावना स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है
और खास करके देश की मालिक जनता चडी गैग नारंगी गैंग को सबसे ज्यादा कोसती नजर आ रही है हमने यह गैग का विस्वास किया और यह गैंग ने सबसे बड़ा धोखा दिया अब हम बिंदास कहेंगे खुलकर बोलेगे चडी गैग नारंगी बर्बाद करनेवाली दो मुंह वाली जहरी चाकरण है।
जब नीट पेपर लीक मामलेमे खुद भाजपा के नेता दिनेश बिवाल को गिरफ्तार करके भाजपाका एक दिखावा जनताके सामने रखा लेकिन पार्टीका चोला पहनकर 30 लाख रुपए में पेपर खरीदने वाला सौदागरको कुछभी कानूनी दिक्कत नहीं आएगी और कोई सजा नहींहोगी क्यूंकि ये 30 लाखमे पेपर खरीदने वाला नेताने भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधानके पास ही शिक्षा प्राप्त की होगी हर समय होता कथित कौभांड मे पकड़े गए भाजपाके सभी नेताओं बोर्सिंग पाउडर से धुल जानेसे दोषी साबित नहीं हुआ। तभी सवाल ये होताहै की कोईभी कांडमे बीजेपी पार्टीसे जुड़े लोगोंके नाम ही सामने क्यू आता है?


