पावन वचन ही हम सब शिष्यो के लिए जीवन की दिशा हैं: आचार्य श्री पुरुषोत्तम दास त्यागी जी महाराज
🙏🙏🌹🌹🙏🙏🌹🌹"सादर जय सियाराम"
"पुरुषोत्तम भक्तिमार्ग मिशन अयोध्या"
गुरुदेव का वचन मिशन का प्राण है ।
श्री गुरुदेव चरणों में सादर प्रणाम 🙏
विषय: गुरुदेव का महावाक्य -
पूज्य गुरुदेव भगवान के वचन मिशन का प्राण है ।
गुरुदेव के पावन वचन अमृत है
गुरुदेव के वचन अमृत हैं ।
गुरुदेव के पावन वचन ही हम सब शिष्यो के लिए जीवन की दिशा हैं ।
गुरुदेव के वचनों को याद करना ही शिष्य के लिए गुरुदेव की सच्ची सेवा मानी जायेगी ।
अपने पूज्य गुरुदेव के वचनों को अगर सदा स्मरण में रहेगा तो और उसके अनुरूप कार्य करते रहोगे तो , तो किसी भी कार्य में देरी नहीं होगी ।
गुरुदेव के वचन याद करने से गुरुदेव की याद सदा बनी रहती है ।
वचन ही प्राण क्यों ?
1- वचन= गुरुदेव का जीवित स्वरुप : शरीर नश्र्वर है , पर वचन अजर-अमर हैं ।
गुरुदेव का वचन याद है तो गुरुदेव हृदय में विराजमान हैं ।
2- वचन = मिशन की दिशा: गुरुदेव का वचन का किनारा न हो तो भक्ति में भी भटकाव आ जाता है ।
क्या करना क्या नहीं करना ।
3- वचन = शिष्य की परीक्षा: जो वचन को जीता है ।
वही सच्चा शिष्य है । सुनना , याद रखना , और जीना , यही साधना है ।
4- वचन = देरी का नाश : गुरुदेव का वचन याद है तो संशय नहीं , निर्णय तुरंत , कार्य तुरंत ।
5- वचन = सत्य स्मरण: यही "अजपा जाप" है - हर श्र्वास में गुरु - स्मरण ।
"पुरुषोत्तम भक्तिमार्ग मिशन अयोध्या"
कोई संस्था नहीं अपितु पूज्य गुरुदेव भगवान के वचनों का जीवंत रुप है ।
भवन गिर सकता है , वचन नहीं गिरता ।
समय बदलेगा , पर वचन "भगवान का नाम सेवा , सादगी " ये वचन सनातन रहेगा ।
सूत्र: "वचन याद है तो पूज्य गुरुदेव भगवान साथ हैं ।
वचन भूले तो अकेले हैं ।
आप सभी गुरु मुर्ती से प्रार्थना है कि अपने पूज्य गुरुजनों अपने पूज्य गुरुदेव भगवान के वचनों को सदा हृदय में धारण करें और जीवन में उतारने चेष्टा करें , अर्थात जीवन में उतारें ।
गुरुदेव का कार्य है , जब तक पूर्ण न हो विश्राम नहीं ।
भगवत कृपा मंगलकामनाओं सहित ,
सादर,
[आचार्य श्री पुरुषोत्तम दास त्यागी जी महाराज]
"पुरुषोत्तम भक्तिमार्ग मिशन अयोध्या"
जय गुरुदेव भगवान🙏
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