जन्म से मृत्यु तक का सफर, असली सामान धन -दौलत नहीं :आचार्य श्री पुरुषोत्तम दास त्यागी जी महाराज
🙏🙏🌹🌹🌹🙏🙏🌹🌹"सादर जय सियाराम"
आज कि वार्ता आज कि परिसंवाद हम सब जीवन पाथेय पर करेंगे ।
पुरुषोत्तम नाम ही हमारे तुम्हारे और सबके लिए सबसे बड़ा और सबसे अच्छा संबल है ।
जीवन के रास्ते के लिए ले जाने वाला सामान 🙏
पाथेय का तात्पर्य है : पर + धेय= रास्ते के लिए धारण करने से योग्य या लायक , यानी भोजन , पानी , धन साथ रखते हैं ताकि रास्ते में कष्ट न हो ।
जीवन पाथेय : यह शरीर एक यात्रा है , जन्म से मृत्यु तक का सफर इस सफर में साथ रखने योग्य असली सामान धन -दौलत नहीं , अपितु ये हैं :
1- सत्य: रास्ता दिखाता है ,
2- प्रेम: सफर में साथी बनता है ,
3- करुणा: दूसरों की मदद से पुण्य कमाता है , बोझ हलका करता है ।
4- पुरुषोत्तम का नाम जिसके बारे में संत कहते हैं :
"पु कहें सुख ऊपजे म कहें दुःख
जाय"
यही नाम सबसे बड़ा बीमा है ।
"पु कहें बांधा टले म कहें सब काम बने "।।
पुरुषोत्तम का नाम = सुरक्षा- कवच है ।
ये चार चीजें ही असली पाथेय हैं
जो बांटने से घटती नहीं अपितु बढ़ती अवश्य है ।
डाकू लूट लें मौसम बिगड़ जाए , शरीर ज़बाब दे दे पर नाम जाप करने वाले का पाथेय कोई नहीं छीन सकता ।
गीता 8:7 : "मामनुस्मर युध्य च"
मेरा स्मरण करते हुए कर्म करो
जो भगवान को याद करते हुए अपने कर्म करता है उसका भगवान स्वयं योग-क्षेम वाहन करते हैं ।
"अनन्याश्चिन्तयन्तो मां ये जना : पर्युपासते ।
तेषां नित्याभियुक्तानां योगक्षेमं वहाम्यहम्"।।
भगवत गीता 9 : 22 : भगवत गीता में भगवान स्वयं वादा करते हैं ।
याद रखना यह भगवान का वचन है यह भगवान की प्रतिज्ञा है ।
जो भक्त भगवान का अनन्य भाव से चिंतन करता है ।
उसका भगवान स्वयं योग-क्षेम का इंतजाम करते हैं ।
भगवान कहते है , स्वयं योग-क्षेम का इंतजाम मैं खुद करता हूं ।
सादर: धन छूट जायेगा, पद छूट जायेगा पर सत्य , प्रेम , करुणा और नाम -स्मरण यही असली जीवन पाथेय है जो अगले सफर में भी साथ जाएगा ।
जो सारे प्राणियों में अपने आराध्य का दर्शन करता है तो उसके लिए सारा संसार अपना हो जाता है ।
जो सबके सुख-दुःख को अपने जैसा देखता है , वही परम योगी है , रास्ते में किसी प्यासे को पानी पिलाया , गिरे को उठाया यही जीवन की जमा-पूंजी है ।
अंत में यही काम आता है ।
भगवान को करुणावान भक्त सबसे प्रिय होते हैं ।
"सत्य प्रेम और करुणा से जीवन जीना" यही सबसे उत्तम पाथेय है 🌸
अपने कर्तव्य करने वाला सत्य के पथ पर अडिग रहो , प्रेम से सेवा करो ,
सत्य प्रेम और करुणा का पाथेय सबको बांटते रहें ।
सबसे उपयुक्त विराम :
आप सबके कल्याण की मंगलमय कामना की भगवान श्री सीताराम जी से प्रार्थना करते हैं ।
अपनापन वाला ढेर सारा प्यार और शुभकामनाओं के साथ ,
सत्य , प्रेम , करुणा और नाम-स्मरण का पाथेय सदा तुम्हारे साथ रहे ।
और सब भक्तों एवं पर भगवान पुरुषोत्तम की अखंड कृपा बनी रहे ।
आपके पूज्य गुरुदेव भगवान की कृपा सदैव तुम्हारे साथ है ।
आपका मार्गदर्शक आपके पूज्य गुरुदेव ,
[आचार्य श्री पुरुषोत्तम दास त्यागी जी महाराज]
संपूर्ण विश्व ,
संपर्क सूत्र:-6396372583,
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