ब्यूरोचीफ शैलेन्द्रसिंह बारडोली गुजरात
पारिवारिक अशांति को लेकर बच्चों के साथ आत्महत्या करने जारही महिलाको सुरत ग्राम्य ट्राफिक पुलिसने मौकेपर पहुंचकर नया जीवन दिया
हररोज गृहकलेह से हैरान महिलाने जान देके मुक्ति पानेके इरादेसे अपने छोटे चोटे बच्चों के साथ खुदकुशी करने जारही महिलाको ट्राफिक पुलिसने जान बचाकर नया जीवन दिया।जिला अधिक्षक द्वारा सुरत ग्राम्य ट्राफिक पुलिस को दी गई सुचना अनुसार नेशनल हाईवे 48 पर ट्राफिक नियंत्रित करने को निगरानी रखने का निर्देश दिए गए थे।
ट्राफिक पीएसआई,आई,ए, सिसोदिया के मार्गदर्शनमे अहमदाबाद मुंबई नेशनल हाईवे 48 पर पुलिस कर्मी विपुलभाई, सुनीलभाई, पिंकलभाई, महिला पुलिस चेतना बहन ओर ट्राफिक वाहन के चालक अशफाक शेख ट्राफिक व्यवस्था संभालने गश्त पर थे।
उसी समय एक महिला अपने बच्चेको गोदामे उठाकर हाईवे पर आवाजाही समय चालु वाहन के नीच आकर खुदकुशी के इरादे जाते हुए ट्राफिक पुलिस कर्मीकी नजर जाते ही उनको रोककर पूछताछ कीगई तभी उसने बताया की गृह कलेश की वजहसे बच्चोके साथ जिंदगी का अंत के लिये खुदकुशी करने निकली होनेंकी बात बताई गई।पुलिसने महिलाको कामरेज नजदीक हाईवे 48 पर आया यूसुफकाला के पेट्रोलपंप के पाससे ट्राफिक पुलिस ऑफिस लाकर पुलिसने पुरी जानकारी ली ओर उनका काउंसिलिंग करवाने के लिए कामरेज पुलिस स्टेशनमे महिलाको अपने बच्चोंके साथ भेजा।
सुरत ग्राम्य ट्राफिक पुलिसकी सतर्कता से कई जिंदगी को नया जीवन मिला जिसमें महिला पुलिस चेतना बहनने अपनी अहम भूमिका निभाई।
ट्राफिक पुलिस की प्रशंसनीय फरज अदा करके महिला ओर बच्चोंकी सतर्कता से मौकेपर जान बचाने की घटनामे जिला पुलिस अधीक्षक राजेश गढीयाने आज ट्राफिक पुलिस की पुरी टीमको सम्मानित करके होंसला बढ़ाया।

