ब्यूरोचीफ शैलेन्द्रसिंह बारडोली गुजरात
बारडॉली क्षेत्र के गांवों में तेंदुओं का पूरा झुंड घूम रहा है, इसके बावजूद वन विभाग के गैरजिम्मेदार अधिकारी कुछ नहीं कर पाते हैं।
वनविभाग के चार पिंजरे चोरी होगया फिरभी सरकारी चीजकी चोरिका पुलिस थानेमें मामला दर्ज क्यू नहीं करवाया क्या इस चोरीमें मनीषा नामकी कर्मचारी भी शामिल है??। अगर नहीं है तो सरकारी चीज की चोरीकी शिकायत करने से इतना डर क्यूं।बारदोली वन विभाग का अधिकारी इतना निर्दयी है कि उसे आम लोगों की जान की कोई कीमत नहीं लगती!! बरदोली तालुका के गांवों में, 5 किलोमीटर के दायरे में दिन दहाड़े तेंदुए देखे जाते हैं। अधिकारी मौखिक शिकायतों पर ध्यान नहीं देता और लिखित शिकायत मिलने के बाद भी पिंजरा लगा देता है, जो इतना जर्जर है कि तेंदुआ भाग निकलता है।
गुजरात सरकारकी ऑफिसमे बैठकर मुफ्तमे तनख़ा लेनेवाले वन विभाग के अधिकारी का आम लोगों के साथ किया गया यह क्रूर मज़ाक ही तो है? ग्रामीणों के लिए इससे ज़्यादा दयनीय और क्या हो सकता है?
सूरत जिले के बारदोली तालुका के उतारा गांव के पादर फलिया निवासी भाकाभाई हलपति शनिवार को गांव के बाहरी इलाके में बकरियां चरा रहे थे, तभी अचानक झाड़ियों से एक तेंदुआ निकला और बकरी का गला पकड़ लिया। भाकाभाई ने तेंदुए को चुनौती दी और बकरी को छोड़कर तेंदुआ झाड़ियों में भाग गए।
उन्होंने गांव के सतर्क नागरिक जिग्नेशभाई कोंकणी को सूचना दी, जिन्होंने फ्रेंड्स ऑफ एनिमल्स वेलफेयर ट्रस्ट के अध्यक्ष जतिन राठौड़ और तेनगांव स्थित सोशल फॉरेस्ट्री रेंज के कर्मचारी मेहुलभाई और मनीषाबेन को सूचित किया। उन्होंने तुरंत पिंजरा वो जगह पर पिंजरा रखके तेंदुआ को कैद करनेकी कोशिशें हो रहे है।लेकिन पिंजरा इतनी जर्जर हालत में था कि तेंदुआ आसानी से उसमें रखा शिकार खाके आरामसे भगानेमें कामयाब हो उतनी हदतक जर्जर पिंजरे को लेकर हंगामा मच गयाथा। लूंभा गांव के नागरिकों ने बताया कि हमारे गांव के जोगी फलिया में चार तेंदुए एक साथ गांवके लोगोने खुद देखे गए हैं। रविवार को गांव के जोगी फलिया में दो तेंदुए फलिया के पीछे एक पेड़ के पास मस्ती करते नजर आए। ग्रामके सरपंच नीलकंठ राठौड़ ने फ्रेंड्स ऑफ एनिमल्स वेलफेयर ट्रस्ट के अध्यक्ष जतिन राठौड़ और उनके सामाजिक वनीकरण विभाग को पत्र लिखकर तेंदुओं को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने का अनुरोध किया है। मध्य रात्रीबाद करीब दो से तीन बजेतक और रात करीब 9 बजे जोगी फलियूं और खरवासा फलियूं में तेंदुए अक्सर देखे जाते हैं। कल जब जतिन राठौड़ और गांव के अन्य जागरूक नागरिक पिंजरा लगाने के लिए जगह तलाश रहे थे, तब गन्ने के खेत के पास तीन तेंदुए आराम करते हुए दिखाई दिए। गाड़ी की बत्ती बंद करते ही तेंदुए गन्ने के खेत में छिप गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पता चला है कि वन विभाग आज धामदोड़ गांव में उस जगह पर जहर से भरा पिंजरा लगाने जा रहा है जहां तेंदुए अक्सर घूमते हैं।
जबकि गांवोकी जनता तेंदुआ का मचा आतंक से लोगों को दिनमे भी घरसे बाहर निकलने का मुश्किल हो गयाहै फिरभी वनविभाग के गैर जिम्मेवार अफसरों को आम लोगो की सुरक्षा करनेमे कोई दिलचस्बी नहीं होने का साफ दिखाई देता है।
