मल्लावां मे युवती को घर से खींचकर फावड़ा मारकर मौत के घाट उतारा, कई वर्षों से कर रहा था उत्पीड़न।
चन्दगीराम मिश्रा
हरदोई यूपी
मल्लावां/हरदोई। कोतवाली क्षेत्र के राघोपुर चौकी अंतर्गत ग्राम गढ़ी रसूलपुर में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। गांव निवासी राम रहीस कुशवाहा की 30 वर्षीय पुत्री शिल्पी की गांव के ही युवक ने दिनदहाड़े फावड़े से वार कर बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को लेकर गांव में भारी आक्रोश का माहौल बना हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी ऋषभ (पुत्र प्रमोद) सोमवार शाम करीब 5 बजे शिल्पी को जबरन घर से खींचकर घर के सामने खाली पड़े बंगले में ले गया। वहां उसने शिल्पी के सिर पर ताबड़तोड़ फावड़े से कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना इतनी भयावह थी कि देख कर लोग सहम उठे। घटना के दौरान शिल्पी की चाची ने साहस दिखाते हुए आरोपी से फावड़ा छीनने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने उन्हें भी जान से मारने की धमकी दी। इससे भयभीत होकर वह पीछे हट गईं और आरोपी ने वारदात को अंजाम दे डाला।घटना की सूचना पर डायल 112 को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी बिलग्राम रवि प्रकाश सिंह उप जिलाधिकारी बिलग्राम एन राम घटनास्थल पर पहुंचे। सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक सुबोध कुमार ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। परिजनों के मुताबिक, शिल्पी की शादी करीब नौ वर्ष पूर्व थाना क्षेत्र के नया गांव में हुई थी। आरोप है कि शादी से पहले से ही आरोपी ऋषभ उसका पीछा करता था और शादी के बाद भी अश्लील संदेश, वीडियो और धमकियां भेजकर उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा। इस संबंध में शिल्पी द्वारा कई बार पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी। करीब डेढ़ माह पूर्व भी पीड़िता ने थाने में प्रार्थना पत्र देकर आरोपी के खिलाफ शिकायत की थी, जिस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया गया था। इसके बावजूद आरोपी की हरकतों में कोई सुधार नहीं हुआ।
लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर परिजनों ने अपना पुराना मकान छोड़कर गांव के किनारे नया घर बनवाया था और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए थे। बावजूद इसके आरोपी ने मौका पाकर इस जघन्य वारदात को अंजाम दे दिया। ग्रामीणों के अनुसार, यह विवाद पिछले करीब 15 वर्षों से चला आ रहा था। आरोपी के जुनूनी व्यवहार और लगातार उत्पीड़न के चलते शिल्पी का वैवाहिक जीवन भी प्रभावित हुआ और वह ससुराल छोड़कर मायके में रहने को मजबूर हो गई थी। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट होकर शव को उठने नहीं दिया । मौके पर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा पहुंचे और परिजनों को हर संभव सहायता एवं न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली। देर रात तक परिजन शव उठाने को तैयार नहीं हुए, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। पुलिस ने परिजनों को समझाने का प्रयास जारी रखा है। मौके पर फॉरेंसिक टीम पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

