स्वास्थ्य मंत्री के गृह जनपद हरदोई में महिला डॉक्टरों की कुर्सी खाली होने से महिला मरीज परेशान ।
चन्दगीराम मिश्रा
हरदोई यूपी
हरदोई जनपद से चौकाने वाली खबर निकल कर सामने आ रही है।
जिले मे स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाएं चरमराती नजर आ रही है।
जानकारी के अनुसार जनपद हरदोई उत्तर प्रदेश में तीसरे नंबर की बडी आबादी के स्तर पर देखा जाता है।तथा राजनीति में भी जनपद हरदोई उत्तर प्रदेश में अपनी सदियों से पहचान बना रखी हैं। वहीं सपा सरकार से लेकर भाजपा सरकार मे जनपद हरदोई का ही स्वास्थ्य चिकित्सा मंत्री अपनी कुर्सी पर आसीन रहा है । एक तरफ भाजपा की डबल इंजन की सरकार दावे करती है कि महिलाओं को 33% आरक्षण हर कीमत पर दिया जाना चाहिए।और यथा संभव मिल भी रहा है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की पोल खुली तो लोगों ने दांतो तले उंगलियां दबा ली कि इतने बड़े जनपद में महिला डॉक्टरों की कुर्सी खाली पडी है।महिला मरीजों के लिए सरकार के पास कोई डॉक्टर नहीं मिला जो जनपद हरदोई में पोस्ट करके मरीजों को राहत दे सके। यह जानकारी तब हुई जब मीडिया कर्मियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरदोई से मल्लावां सीएचसी मे महिला डॉक्टर की पोस्टिंग के बारे में जानकारी ली पोल उस समय खुली कि जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरदोई ने बताया कि जनपद हरदोई में सीएचसी संडीला और पिहानी छोड़कर पूरे जनपद में महिला डॉक्टर की पोस्ट नहीं है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी की बात सुनकर मीडिया कर्मियों के भी नीचे से जमीन खिसक गई।कि एक तरफ डबल इंजन की सरकार दावा करती है कि महिलाओं को 33% पोस्ट करने का आरक्षण लागू किया गया है। तथा आरक्षण की नियमावली के अनुसार 33% महिलाएं हर विभाग में कार्यरत भी हैं वहीं स्वास्थ्य मंत्री डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के गृह जनपद में स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों की सूची को देखा जाए तो 33% आरक्षण शून्य नजर आ रहा है।जब स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के गृह जनपद में यह हाल है तो अन्य जनपदों में क्या हाल होगा। जनपद हरदोई के समस्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केदो तथा जनपद मे स्वास्थ्य विभाग की सरकारी कुर्सी पर महिला डॉक्टर पोस्ट नहीं है।
वहीं स्वास्थ्य मंत्री के पत्रक निवास मल्लावा क्षेत्र में पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। जिसमें किसी भी केंद्र पर महिला प्रशिक्षित डॉक्टर की पोस्टिंग नहीं है। देखा जाए तो मल्लावां क्षेत्र की आबादी लाखों लाख में है। ऐसी स्थितियों में महिला मरीजों के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है। जो प्राइवेट डॉक्टरों का सहारा लेकर इलाज कराने के लिए विवश होना पड़ता है। वही असहाय गरीब मरीजों के लिए चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
कि उन्हें प्राइवेट महंगे डॉक्टरों के पास इलाज कराने के लिए पैसों की व्यवस्था करने मे असमर्थ हैं। वही दबी जुबान से अपनी बात को कहते हैं। कि हमारे क्षेत्र के स्वास्थ्य मंत्री होते हुए भी महिला मरीजों को इन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अब देखना या है कि स्वास्थ्य मंत्री डिप्टी सीएम ,बृजेश पाठक अपने मल्लावां क्षेत्र के महिला मरीजों के लिए उपचार के लिए कौन सा कदम उठाएंगे।

