गुरुदेव रुठ जाएं तो भगवान भी सहायता नहीं करते: आचार्य श्री पुरुषोत्तम दास त्यागी जी महाराज
🙏🙏🌹🌹🌹🙏🙏🌹🌹"सादर जय सियाराम"
गुरु अपराध से बचने के लिए गुरु की कृपा आवश्यकता होती है ।
गुरुदेव के अपराध से केवल व केवल गुरुदेव ही बचा सकते हैं दूसरा कोई नहीं बचा सकता हैं ।
दूसरा नहीं बचा सकता यहां तक की भगवान भी नहीं बचा सकते हैं ।
भगवान से भी अधिक गुरुदेव का महत्व बताया गया है ।
कबीरा हरि के रुठते गुरु के सरने जाय ।
कह कबीर गुरु रुठते हरि नहिं होत सहय ।।
यदि भगवान रुठ जाएं तो गुरुदेव की शरण में जाकर उन्हें मनाया जा सकता है ।
लेकिन यदि गुरुदेव रुठ जाएं तो भगवान भी सहायता नहीं करते ।
गुरु ही क्षमा कर सकता है ।
दूसरा कोई नहीं कर सकता हैं ।
गुरु से बड़ा कोई है नहीं त्रिभुवन में भगवान भी गुरु के अधीन है ।
गुरु से अपराध बन जाएं शिष्य को गुरुदेव से विनय पूर्वक क्षमा मांग लेनी चाहिए ।
पूरे दुनिया में कोई भी अपराध बना हों गुरुदेव ने क्षमा कर दिया तो क्षमा हो गया ।
गुरुदेव नाराज़ से बुध्दि भ्रष्ट हो जाता है ।
कई कई रोग आ जाता हैं ।
चिंता शोक में फंस जाना कई समस्यों में फंस जाना अपराध दुःख प्रदान करता है ।
विपत्ति प्रदान करता है ।
कष्ट प्रदान करता है ।
आपका मार्गदर्शक आपके पूज्य गुरुदेव ,
[आचार्य श्री पुरुषोत्तम दास त्यागी जी महाराज]
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संपर्क सूत्र:-6396372583,
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