कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा ब्लॉक में मत्स्य पालन विभाग में करोड़ों का घोटाला, विधानसभा में गूंजा मुद्दा।
पत्रकार स्वतंत्र नामदेव
कांकेर जिला ब्यूरो
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र 2026- 27 के दौरान कांकेर जिले के विकासखंड कोयलीबेड़ा में मछली पालन विभाग में हुई भारी अनियमितताओं का मामला गरमाया रहा। विधायक इन्द्रशाह मंडावी क्षेत्र क्रमांक 78 ने ध्यानाकर्षण सूचना क्रमांक 214 के जरिए सरकार का ध्यान इस गंभीर भ्रष्टाचार की ओर खींचा है।विधायक मंडावी द्वारा प्रस्तुत सूचना के अनुसार, कोयलीबेड़ा क्षेत्र में वर्ष 2016-17 से ही मत्स्य पालन की योजनाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जा रही है।
बिना काम किए राशि का आहरण: तालाब और हैचरी निर्माण के नाम पर अनेक हितग्राहियों का चयन किया गया, लेकिन धरातल पर काम किए बिना ही विभाग के अधिकारियों ने मिलीभगत कर लाखों रुपये डकार लिए।
अधिकारियों का संरक्षण: आरोप है कि जिला कार्यालय में पदस्थ सहायक संचालक, सहायक मत्स्य अधिकारी और मत्स्य निरीक्षकों ने संगठित होकर इस साजिश को अंजाम दिया।
मुख्य आरोपियों पर कार्रवाई नहीं: शिकायत के बाद कुछ छोटे कर्मचारियों को निलंबित कर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई, जबकि मुख्य आरोपी सहायक संचालक को अब तक दंडित नहीं किया गया है।
लापरवाही: गबन की गई राशि को ब्याज सहित वसूल किया जाना था और दोषियों पर कानूनी कार्यवाही की जानी थी, जो अब तक नहीं की गई है। विधायक ने इसे 'अपराधिक कृत्य करने वालों को दिया गया गैरकानूनी संरक्षण' करार दिया है।
विधायक ने सदन को बताया कि जिन वास्तविक हितग्राहियों को सरकारी योजना का लाभ मिलना था, वे आज भी वंचित हैं। लोकसेवकों द्वारा करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार के कारण क्षेत्र के लोगों में भारी असंतोष व्याप्त है। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए। नियम 138(1) के तहत दी गई इस ध्यानाकर्षण सूचना ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि शासन इस पर क्या जवाब देता है।
