ब्यूरो रिपोर्ट भरतसिंह आर ठाकोर अरवल्ली गुजरात 9638076908
*प्रकृति का सौंदर्य और स्वास्थ्य का अनमोल वरदान....कैसुडो...*
*कैसुडो प्रकृति का वरदान है जो गर्मी में भी ठंडक, सुंदरता और स्वास्थ्य देता है*
अरावली जिले के पहाड़ी इलाकों और सड़कों के किनारे विशाल, मजबूत केसुदा के पेड़, जब मीठी वसंत हवा में उज्ज्वल, उग्र और अत्यधिक आकर्षक केसरिया-लाल फूलों से खिलते हैं, ये मंत्रमुग्ध कर देने वाले, बेहद सुंदर केसुदा के फूल जिन्हें 'जंगल ज्वाला' के नाम से भी जाना जाता है, जंगल की लौ... धीमी धूप में भी आंखों को अनोखी ठंडक, शांति और खुशी देते हैं। उनकी चमकीली केसरिया धारियाँ दूर से ही यात्री का ध्यान आकर्षित करती हैं और हृदय को आनंद से भर देती हैं। अरावली समेत गुजरात के कई इलाकों में इन विशाल पेड़ों के फूलों के गुच्छे वसंत के आगमन की मीठी सूचना देते हैं।ये चमकीले, मीठे और विशिष्ट सुगंध वाले फूल हल्की हवा में लहराते हुए अपनी सुंदरता को कई गुना बढ़ा देते हैं। सड़क किनारे लगे इस बड़े पेड़ पर लटकते आकर्षक केसर के फूल प्रकृति की अद्भुत कृति हैं, जो मन को मंत्रमुग्ध कर देते हैं और आंखों को एक अमर स्मृति दे देते हैं। यह सौन्दर्य सुरम्य होने के साथ-साथ आयुर्वेदिक दृष्टि से अमूल्य वरदान भी है। कैस्यूडा के फूल विभिन्न त्वचा रोगों, मधुमेह, बुखार, मूत्राशय की सूजन और कई अन्य समस्याओं में उपयोगी होते हैं। त्वचा को स्वस्थ, चमकदार और रोगमुक्त रखने के लिए आयुर्वेद इसके रस, पाउडर और अर्क का उपयोग करता है। होली के त्यौहार में इसका प्राकृतिक, त्वचा के लिए सुरक्षित और मीठा रंग बनाने के लिए भी व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है, जो एक प्राकृतिक और स्वस्थ विकल्प के रूप में लोकप्रिय है। होली की धूल में प्राकृतिक रंग बनाने के लिए उपयोग किया जाता हैअरावली जिले और गुजरात के कई हिस्सों में वसंत ऋतु में खिलने वाले, केसुदा के ये आकर्षक, उज्ज्वल और मनभावन फूल आंखों के साथ-साथ आत्मा को भी तरोताजा और सुखदायक बनाते हैं। प्रकृति का यह अनमोल उपहार सुंदरता और स्वास्थ्य का एक अनूठा संयोजन है, जो हर यात्री और प्रकृति प्रेमी को आमंत्रित करता है...
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