जल केवल मछली के जीवन का आधार नहीं , उसकी चेतना का विस्तार है: आचार्य श्री पुरुषोत्तम दास त्यागी जी महाराज
ब्यूरो रिपोर्ट TTN 24 NEWS
🙏🙏🌹🌹🌹🙏🙏🌹🌹"सादर जय सियाराम"
"आज की सत्संग की वार्ता गुरुदेव और शिष्य पर है"
गुरुदेव की छाया में ही शिष्य सफलता को प्राप्त कर पाता है ।
गुरुदेव की छाया में ही शिष्य की
सफल हो सकता है ।
जिस प्रकार मछली जल के बीना नहीं रह सकती है ।
उसी प्रकार शिष्य भी गुरुदेव के मार्गदर्शन के बिना आगे नहीं बढ़ सकता है ।
जल केवल मछली के जीवन का आधार नहीं , उसकी चेतना का विस्तार है ।
उसी तरह गुरुदेव केवल एक व्यक्ति नहीं , चेतना के स्तर पर वह ऊर्जा है ।
जो शिष्य को जन्म-जनमांतर की अज्ञानता से बाहर निकालती है ।
मन का शुद्ध और सच्चा विकास जीवन का वास्तविक प्रयोजन है
जिसके जीवन में श्रोत्रिय ब्रह्मनिष्ठ गुरुदेव का आगमन हों गुरुदेव का मिलना केवल उनका दर्शन कर लेना या कभी कभार उनकी सेवा कर देना नहीं है ।
गुरुदेव का मिलन तब होता हैं ।
जब उनका ज्ञान शिष्य के अंत:करण में उतर जाए गुरुदेव का संबंध सामाजिक या आर्थिक नहीं होता हैं ।
वह नाद का संबंध होता है , नाद का तात्पर्य है वह ध्वनि वह दिव्य वाणी जो गुरुदेव के मुख से निकलती है ।
और शिष्य के हृदय के भीतर रुपांतरित करती है ।
वह शव्द नहीं अपितु चेतना स्त्रोत होता है ।
शिष्य वहीं है जिसके जीवन में गुरुदेव की अनुपस्थिति कल्पना भी असहनीय हो , जैसे मछली के लिए जल की आवश्यकता है
वैसे ही शिष्य के लिए गुरुदेव की कृपा की आवश्यकता है ।
समय , परिस्थिति , ऋतु ,
सुख-दुख , मान-अपमान , हानि-लाभ कोई भी बाहरी स्थिति
शिष्य के गुरु भाव को डिगा नहीं सकती है ।
शिष्य जानता है कि अपनी साधना , अपनी मुक्ति, अपनी आत्म-ज्ञान की सारी संभावनाएं गुरुदेव की कृपा की छाया में ही खिलती है ।
जीवन में जो कुछ भी शाश्वत शुद्ध और परम है ।
उसकी ओर की यात्रा केवल व केवल गुरुदेव की छाया में ही संभव है ।
गुरुदेव से प्राप्त वाणी वहीं दिव्य कंपन्न है ।
जो अज्ञान को छिन्न-भिन्न कर आत्मा के सूर्य को प्रकट करता है प्रत्येक शिष्य के जीवन में यही भाव जागें हम केवल व केवल गुरुदेव के दर्शन तक ही सीमित न रहें अपितु पूज्य गुरुदेव भगवान के वचनों को भी अपने जीवन में उतारने का प्रयास करें और आत्मज्ञान की मंगलमयी यात्रा में अपने भीतर से नया आलोक प्रकट करें ,
गुरुदेव अपने शिष्य के लिए
एक सुरक्षा कवच होता है ।
गुरुदेव मार्गदर्शन और दिव्य अनुकंपा है ।
पूज्य गुरुदेव भगवान का मार्गदर्शन शिष्य के लिए आध्यात्मिक विकास , आत्मज्ञान और जीवन में दुखों से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करते हैं ।
पूज्य गुरुदेव भगवान मार्गदर्शन छाया शीतलता , संतुलन और निस्वार्थ प्रेम प्रदान करती है ।
जिससे शिष्य अपनी अहंकार से मुक्त होकर मानवता की सेवा और आध्यात्मिक उन्नति की ओर निरंतर बढ़ता रहता है ।
गुरु का पर्याय हैं जो लगातार मनुष्य नहीं अपितु प्राणी मात्र की उदासीनता और निराशा के अंधकार से बाहर निकालने का कार्य करता है , उसे गुरु कहते हैं
आपका मार्गदर्शक आपके पूज्य गुरुदेव ,
[आचार्य श्री पुरुषोत्तम दास त्यागी जी महाराज]
गुजरात प्रदेश
संपर्क सूत्र:-6396372583,
🙏🙏🌹🌹🌹🙏🙏🌹🌹
.jpg)