प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिल्पी सोनी राज का असामयिक निधन,जिला न्यायालय में शोक की लहर
बिहार नवादा नेशनल ब्यूरो हेड एवं लीगल एडवाइजर अधिवक्ता राजेश कुमार
नवादा। बिहार के नेवादा की प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिल्पी सोनी राज का असामयिक निधन। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुश्री शिल्पी सोनी राज का बीती रात (5 फरवरी 2026) अचानक निधन हो गया। मात्र 44 वर्षीय इस न्यायाधीश के असामयिक निधन से न्यायिक समुदाय, अधिवक्ता वर्ग, प्रशासनिक अधिकारी और आम जनता में गहरा शोक व्याप्त है।सूत्रों के अनुसार, देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने पर सुश्री शिल्पी सोनी राज को नवादा के एक निजी अस्पताल (धर्मशिला अस्पताल) में भर्ती कराया गया था। वहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के हर संभव प्रयास किए, लेकिन दुर्भाग्यवश इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। कुछ रिपोर्टों में प्रारंभिक जानकारी के आधार पर हार्ट अटैक को मौत का कारण बताया जा रहा है, हालांकि मौत के सटीक कारणों का अभी आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है।
महत्वपूर्ण बातें जो सामने आई हैं:
सुश्री शिल्पी सोनी राज ने मात्र छह महीने पहले (सितंबर 2025 में) नवादा जिले में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश का पदभार संभाला था।
इससे पहले वे पटना उच्च न्यायालय में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रह चुकी थीं, जिनमें रजिस्ट्रार (विजिलेंस), ज्वाइंट रजिस्ट्रार (स्थापना), और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सदस्य सचिव जैसी जिम्मेदारियां शामिल हैं।
उन्होंने परिवार न्यायालय, लखीसराय और जहानाबाद जैसे जिलों में भी जिला एवं सत्र न्यायाधीश और अन्य पदों पर कार्य किया था।
उनकी कार्यशैली को ईमानदार, निष्पक्ष और तेज निर्णय लेने वाली के रूप में जाना जाता था।
निधन की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिला पदाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित वरिष्ठ अधिकारी तुरंत अस्पताल पहुंचे। न्यायालय परिसर में भी शोक का माहौल छा गया और अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
मृत्यु के रहस्यमयी पहलुओं को देखते हुए फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल और आवास पर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के नतीजे आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का पता चल पाएगा।
न्यायिक समुदाय की भावनाएं
यह न केवल नवादा जिले बल्कि पूरे बिहार के न्यायिक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। एक युवा, मेहनती और प्रतिभाशाली महिला न्यायाधीश का इस तरह अकस्मात जाना न्याय व्यवस्था के लिए बहुत बड़ा झटका है। अधिवक्ता परिषद और न्यायिक अधिकारियों ने इसे "न्यायपालिका के लिए दुखद क्षण" करार दिया है।
सुश्री शिल्पी सोनी राज की आत्मा को शांति प्रदान करने और उनके परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति देने की कामना के साथ सभी उनके योगदान को सदैव याद रखेंग।
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