हरदोई,सांडी नगर का शमशान घाट बना कूड़ाघाट, जिम्मेदार बेख़बर
चन्दगीराम मिश्रा
हरदोई यूपी
स्वच्छता अभियान की उड़ रहीं धज्जियां, लाखों खर्च फिर भी हाल बदहा
हरदोई जनपद के नगर पालिका परिषद साण्डी की घोर लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। साण्डी कस्बे से निकलने वाली गरुड़ गंगा के घाट किनारे बने शमशान घाट के पास नगर का कूड़ा-कचरा डंप किया जा रहा है, जिससे शमशान घाट अब कूड़ाघाट में तब्दील होता नजर आ रहा है।नगर पालिका परिषद साण्डी द्वारा शमशान घाट का पक्का निर्माण कराया गया था, जिस पर लाखों रुपये खर्च किए गए। उद्देश्य था कि नगर एवं आसपास के लोगों को अंतिम संस्कार के लिए स्वच्छ और सम्मानजनक स्थान मिल सके। लेकिन आज उसी शमशान घाट के समीप नगर से निकलने वाला कूड़ा-कचरा डाला जा रहा है, जिसकी तस्वीरें खुद हालात बयां कर रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब वो अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने शमशान घाट पहुंचते हैं, तो पास में लगे कूड़े के ढेर से उठती तेज दुर्गंध के कारण वहां रुकना तक मुश्किल हो जाता है। यह न केवल जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ है, बल्कि नगर पालिका की कार्यशैली पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।
गौरतलब है कि कूड़ा निस्तारण के लिए नगर पालिका परिषद साण्डी द्वारा लाखों रुपये की लागत से दो आरसी सेंटर भी बनवाए गए हैं, ताकि कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा सके। बावजूद बने आरसी सेंटर शोपीस बनकर बंद पड़े हैं, और कूड़ा खुले में शमशान घाट के पास डाला जा रहा है।
एक ओर नगर पालिका द्वारा स्वच्छता अभियान के नाम पर बड़े-बड़े होर्डिंग बैनर से दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। अब सवाल जिम्मेदार अधिकारी कब जागेंगे और शमशान घाट की पवित्रता को बचाने के लिए कौन सा कदम उठाया जाएगा।
