ब्यूरोचीफ शैलेन्द्रसिंह बारडोली गुजरात
बारडोली में विभिन्न हिंदू संगठनों और गौभक्तों ने प्रांतीय अधिकारी को एक याचिका सौंपकर मांग की है कि गाय को 'राष्ट्रमाता' घोषित किया जाए।
भारतीय हितरक्षक पार्टी, विश्व हिंदू परिषद और संतों की उपस्थिति में गौभक्त बरदोली में एकत्रित हुए। कार्यक्रम के दौरान, प्रांतीय अधिकारी और मामलतदार को एक याचिका सौंपी गई, जिसमें गाय को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा देने की मांग की गई।इस अवसर पर नेताओं ने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति और आस्था का केंद्र है और देश भर के करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ी हुई है।
सुनील सोनवणे राष्ट्रीय अध्यक्षने कहा गाय माता मात्र एक पशु नहीं, बल्कि हमारे धर्म और संस्कृति का प्रतीक है। हम सरकार से मांग करते हैं कि गाय माता को तत्काल 'राष्ट्र माता' घोषित किया जाए। यदि हमारी मांग पूरी नहीं हुई, तो हम रामलीला मैदान में व्यापक आंदोलन और आमरण अनशन करेंगे।"स्वामी हरिवाल्लभ कथा वाचकने कहा गाय के दूध से लेकर मूत्र और गोबर तक, सब कुछ मानव जाति के लिए उपयोगी है। ऐसी पूजनीय माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाना चाहिए। मैं यह संकल्प लेता हूँ कि जब तक यह मांग पूरी नहीं हो जाती, मैं भोजन नहीं करूँगा।”राजाभाई दुबे संयुक्त मंत्री, विहिप सूरत ग्रामीणने कहा सनातन धर्म में गाय को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। गौ संरक्षण के लिए सख्त कानून और राष्ट्रमाता के रूप में गाय का दर्जा करोड़ों हिंदुओं की भावनाएं हैं। हम सरकार से इस मामले पर गंभीरता से विचार करने की मांग करते हैं।
गौभक्तों में "माता गौ का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है" के नारे के साथ जबरदस्त उत्साह था।
