लोकेशन आलोट जिला संवाददाता डॉ सुनील चोपड़ा
जिन शासन मिलना हमारे लिए गौरव की बात है--चंदनबाला श्री जी
आलोट। जिसका मन धर्म तप संयम में तपा हो उसे देवता भी नमस्कार करते हैं, इसीलिए मनुष्य जीवन ही सर्वोपरि है । मनुष्य जीवन में श्रवण भी कर सकते हैं आचरण भी कर सकते हैं और संयम भी कर सकते हैं, यह जीवन जिन शासन और हमारे पुण्य के कारण मिला है इसलिए हमें पुण्य का बैलेंस बराबर रखना है ।उक्त बात जैन श्वेतांबर भवन में प्रतिष्ठा महोत्सव के प्रथम दिन मंगलवार को महा मांगलिक प्रदाति चंद्रप्रभा श्री जी की विदुषी शिष्या चंद्रमणि प्रखर व्याख्यात्री चंदनबाला श्रीजी ने कहीं ।
कार्यक्रम के दौरान नवकारसी के लाभार्थी महेंद्र कुमार, योगेंद्र कुमार मारवाड़ी एवं सौरभ कुमार, संतोष कुमार चत्तर परिवार का बहुमान श्री जिन कुशल सूरी दादा ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेश बांठिया उपाध्यक्ष राजेंद्र पारिख कोषाध्यक्ष नितेश बांठिया, विजय बाफना अनिल चोपड़ा ने किया । कार्यक्रम में स्वागत गीत मोना मारवाड़ी ने प्रस्तुत किया, संचालन डॉ सुनील चोपड़ा ने करते हुए प्रतिष्ठा संबंधित कार्यक्रम की रूपरेखा बताइए ।
*निकला चल समारोह*साध्वी चंदनबाला श्री जी का नगर प्रवेश बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ सकल श्री संघ की उपस्थिति में हुआ नागेश्वर रोड बायपास चौराहे से समैया, (चल समारोह) प्रारंभ हुआ जो नगर के प्रमुख मार्गो से होता हुआ जैन श्वेतांबर भवन पहुंचा। चल समारोह में महिला मंडल के सदस्य सर पर कलश धारण कर चल रहे थे । कार्यक्रम के पश्चात साध्वी चंदनबाला श्रीजी की निश्रा में शाली भद्र भोजन मंडप का भी शुभारंभ किया गया ।
*प्रतिष्ठा समारोह*
श्री जिन कुशल सूरी दादावाड़ी में सृजन कुशल सूरी आदि गुरु बिम्ब एवं अधिष्ठायक, देव देवियों की पावन प्रतिष्ठा 10 फरवरी से 14 फरवरी तक पंचांहिका महोत्सव स्नात्र पूजा के साथ प्रारंभ हुई, 11 फरवरी को कुंभ स्थापना एवं गांव सांझी मेहंदी वितरण का कार्यक्रम दोपहर 2:30 बजे होगा एवं रात्रि भक्ति संभव जैन सीतामऊ एवं अमन आंचलिया आलोट द्वारा की जाएगी, 12 फरवरी को सुबह रथ यात्रा निकाली जाएगी रात्रि भक्ति दश दीपक मालू भोपाल एवं अमन आंचलिया आलोट द्वारा की जाएगी, 13 फरवरी को साध्वी मंडल की निश्रा में विधि कारक प्रवीण भाई जैन द्वारा भव्य प्रतिष्ठा कराई जाएगी और फले चुंदडी का आयोजन भी होगा, 14 फरवरी को सुबह द्वार उद्घाटन भी विधि विधान के साथ होगा, प्रतिदिन नवकारसी एवं सधार्मिक वात्सल्य भी सुबह शाम का लाभार्थी परिवार के सहयोग से ट्रस्ट मंडल द्वारा रखा गया है । भोजन व्यवस्था की जिम्मेदारी सिरेमल भंडारी एवं प्रियंक बांठिया को दी गई है ।

