रिपोर्ट भरतसिंह आर ठाकोर अरवल्ली गुजरात
*विश्व कैंसर दिवस-2026*
*इस वर्ष विश्व कैंसर दिवस की थीम: "यूनाइटेड बाय यूनिक"*
*पिछले चार वर्षों में प्रदेश में 30 वर्ष से अधिक आयु के 03 करोड़ से अधिक व्यक्तियों की मुँह के कैंसर, 1.6 करोड़ से अधिक महिलाओं की स्तन कैंसर तथा 82 लाख से अधिक महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर की जाँच की गई।हर साल 04 फरवरी को दुनिया भर में 'विश्व कैंसर दिवस' के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाना और इस बीमारी से लड़ने के वैश्विक प्रयासों को मजबूत करना है। कैंसर आज दुनिया भर में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के मुताबिक, साल-2025 में देश में कैंसर के 14 लाख से ज्यादा मामले सामने आए।कैंसर के खिलाफ प्रत्येक व्यक्ति की लड़ाई व्यक्तिगत, अलग और अनोखी है। इस वर्ष विश्व कैंसर दिवस की थीम "यूनाइटेड बाय यूनिक" है। जो व्यक्ति-केंद्रित कैंसर देखभाल के महत्व पर जोर देता है, जिसमें कहा गया है कि कैंसर से पीड़ित प्रत्येक व्यक्ति को संवेदनशील, समान और दयालु उपचार मिलना चाहिए।गुजरात सहित पूरे देश में कैंसर एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है। जीवनशैली, पर्यावरण और आनुवांशिक कारकों के कारण मुंह के कैंसर, स्तन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर के मामले काफी बढ़ रहे हैं। गुजरात में पिछले चार वर्षों में 30 वर्ष से अधिक उम्र के 03 करोड़ से अधिक व्यक्तियों की मुंह के कैंसर, 1.6 करोड़ से अधिक महिलाओं की स्तन कैंसर और 82 लाख से अधिक महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर की जांच की गई है।
समय पर कैंसर का पता लगाने, नियमित जांच और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने से कैंसर के परिणामों में काफी सुधार हो सकता है, जिसके परिणामस्वरूप कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। वैश्विक स्तर पर, हर साल लगभग एक करोड़ नागरिक कैंसर से मरते हैं, जबकि भारत में हर साल अनुमानित 1.4 लाख नए मामले सामने आते हैं। आईसीएमआर-एनसीडीआईआर रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात में 09 में से 01 पुरुष और 12 में से 01 महिला को जीवन भर कैंसर होने का खतरा है। तम्बाकू से संबंधित कैंसर पुरुषों में और स्तन एवं गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर महिलाओं में अधिक पाए जाते हैं।मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने कैंसर पर नियंत्रण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिसके तहत राज्य सरकार तम्बाकू मुक्ति अभियान, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और आवश्यक टीकाकरण तथा सामुदायिक जागरूकता अभियान पर सक्रिय रूप से काम कर रही है।
इसके अलावा, राज्य सरकार ने जीसीआरआई-गुजरात कैंसर और अनुसंधान संस्थान के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करके "प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण" कार्यक्रम शुरू किया है। जिसमें स्त्री रोग विशेषज्ञ, सर्जन, दंत चिकित्सक, सामुदायिक चिकित्सा विशेषज्ञ और चिकित्सा अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जा रहा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कैंसर की जांच को सुलभ बनाने के लिए "प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण" कार्यक्रम के तहत राज्य भर में 37,000 से अधिक फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को अनुमानित 400+ विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा।
राज्य में स्वास्थ्य विभाग द्वारा उप स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर मेडिकल कॉलेजों और अन्य सरकारी संस्थानों में मुंह, स्तन और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की शीघ्र पहचान के लिए स्क्रीनिंग कार्यक्रम लागू किए गए हैं। जिला स्तरीय अस्पतालों में डे-केयर कीमोथेरेपी सेंटर अपने ही जिले में मरीजों को इलाज मुहैया करा रहे हैं। इसके अलावा ओपीडी, जांच, सर्जरी, रेडियोथेरेपी और कीमोथेरेपी सुविधाएं जीसीआरआई और इसके उपग्रह केंद्रों द्वारा प्रदान की जा रही हैं।
