लोकेशन- संभल कैला देवी मंदिर
रिपोर्टर जगतपाल सिंह
बाल विवाह के खिलाफ कैलादेवी मंदिर प्रांगण में धर्म गुरुओं ने ली शपथ
सम्भल बाल विवाह मुक्त भारत" अभियान के 100 दिवसीय विशेष अभियान के तहत, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन की सहयोगी संस्था प्रयत्न ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर कैलादेवी मंदिर के प्रांगण में एक प्रभावशाली गोष्ठी का आयोजन किया।इस गोष्ठी में धर्मगुरु, पंडित, मौलवी, ग्राम प्रधान और अन्य प्रमुख व्यक्तियों ने भाग लिया और बाल विवाह न कराने तथा इसमें किसी भी रूप में सहयोग न देने की शपथ ली। यह शपथ बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक मजबूत संकल्प का प्रतीक बनी।
बाल विवाह के खिलाफ कानूनी प्रावधान और दुष्परिणाम बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत बाल विवाह कराने, उसमें भाग लेने या सहयोग करने वालों को 2 वर्ष तक की कैद और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इसमें पंडित, मौलवी, नाई, हलवाई, टेंट वाले सहित कोई भी व्यक्ति जो इस आयोजन में शामिल कोई भी व्यक्ति ।गोष्ठी में वक्ताओं ने बाल विवाह के गंभीर दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष गौरव गुप्ता ने कहा कि आस-पास होने वाले ऐसे आयोजनों को रोकने के लिए समझाएं, क्योंकि यह बच्चों के भविष्य को तबाह कर देता है। गौरव शर्मा ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह में शामिल हर व्यक्ति सजा का हकदार है। नीलम राय ने जोर दिया कि बच्चों को बाल विवाह नहीं, बल्कि अच्छी शिक्षा दें। नूतन चौधरी ने बताया कि बाल विवाह के बाद लड़कियां घरेलू हिंसा का शिकार होती हैं, जो परिवार टूटने का कारण बनता है, उपनिरीक्षक बाबू राम सैनी ने कहा कि इससे बच्चों का शारीरिक-मानसिक विकास रुक जाता है। एडवोकेट सत्यप्रकाश ने क्षेत्र की पिछड़ापन की वजह बाल विवाह को बताया, क्योंकि बच्चे घरेलू जिम्मेदारियों में उलझकर अपना विकास नहीं कर पाते। प्रयत्न संस्था के प्रभारी गौरीशंकर चौधरी ने कहा, "बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं।बाल विवाह उनकी प्रगति में सबसे बड़ी बाधा है। यदि कहीं बाल विवाह होता देखें, तो तुरंत इन नंबरों पर सूचना दें चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस 112, जे आर सी हेल्पलाइन 1800-102-7222 और सभी ने बाल विवाह के खिलाफ शपथ ली, इस अवसर पर फील्ड कोर्डिनेटर सिराज अहमद. थाना कैलादेवी उपनिरीक्षक मनोज कुमार के साथ पुलिस स्टॉफ और क्षेत्र के सम्मानित लोग मौजूद रहे।


