एमबीएस शॉपिंग मॉल: "No Return,No Exchange" – क्या दुकानदारों की ये मनमानी कानूनी है?
मुकेश कुमार-स्टेट हेड-बिहार/झारखंड
जमुई(बिहार)।खरीदारी के बाद मिलने वाली रसीद पर अक्सर आपने छोटे अक्षरों में लिखा देखा होगा- "बिका हुआ माल वापस नहीं होगा" या "कोई एक्सचेंज नहीं होगा"। जमुई शहर में स्थित एमबीएस शॉपिंग मॉल की हालिया रसीद B1H026-07481(नेट अमाउंट ₹5,300)ने इस मुद्दे को फिर से गरमा दिया है।•रसीद पर क्या है विवाद?•
वायरल हो रही इस रसीद में स्पष्ट लिखा है:
•No Return, No Exchange: यानी सामान पसंद न आने या खराब होने पर भी वापसी नहीं।•
•No Cash Refund: किसी भी स्थिति में पैसे वापस नहीं किए जाएंगे।•
•No Guarantee on Fabric/Color: कपड़े या रंग की कोई गारंटी नहीं।•
•क्या कहता है कानून?•
उपभोक्ता मामलों के विशेषज्ञों के अनुसार,रसीद पर "No Return,No Exchange" लिखना एक 'अन्यायपूर्ण व्यापार व्यवहार'(Unfair Trade Practice)माना जा सकता है।
•कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019•यदि बेचा गया सामान खराब(Defective)है या विज्ञापन के अनुसार नहीं है,तो ग्राहक उसे वापस करने या बदलने का पूरा हक रखता है।दुकानदार अपनी शर्तों से कानून को नहीं बदल सकता।
•जबरन शर्तें•
"किसी भी परिस्थिति में रिफंड नहीं" जैसी शर्तें कानूनी रूप से तब अमान्य हो जाती हैं जब उत्पाद में कोई निर्माण दोष (Manufacturing defect) हो।
•भ्रामक जानकारी•
रसीद पर स्पेलिंग की गलतियां(जैसे Shoppong, Gaurantee,Dosent) यह भी दर्शाती हैं कि ये शर्तें बिना किसी कानूनी परामर्श के खुद ही बना ली गई हैं।
•ग्राहकों के लिए सलाह•
अगर कोई दुकानदार खराब सामान वापस लेने से मना करता है और अपनी रसीद का हवाला देता है,तो आप:
National Consumer Helpline (1800-11-4000)पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।उपभोक्ता फोरम(Consumer Court)का दरवाजा खटखटा सकते हैं।खरीदारी से पहले ही ऐसी शर्तों पर आपत्ति जताएं।आपको बता दे कि दुकानदारों को यह समझना होगा कि जमुई क्षेत्राधिकार(Jamui Jurisdiction) का अर्थ कानून से ऊपर होना नहीं है।ग्राहकों की संतुष्टि और उनके कानूनी अधिकार सर्वोपरि हैं।

