ब्यूरोचीफ शैलेन्द्रसिंह बारडोली गुजरात
एसओजी ने ओलपाड के करेली गांव में छापा मारकर 27.74 लाख रुपये मूल्य का 55 किलोग्राम गांजा जब्त किया था।
इस अभियान में ओडिशा के चार निवासियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें सूरत जिले की लाजपुर जेल में भेज दिया गया है।
सूरत ग्रामीण जिले में नशीले पदार्थों के खतरे को खत्म करने के लिए रेंज आईजी प्रेमवीर सिंह और जिला पुलिस अधीक्षक राजेश गधिया के निर्देशों के बाद एसओजी शाखा को यह बड़ी सफलता मिली है। दो दिन पहले, पुलिस ने ओलपाड तालुका के करेली गांव के बाहरी इलाके में एक रिहायशी मकान में चल रहे गांजा नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की थी।सूरत ग्रामीण एसओजी के पीआई बीजी इशरानी और पीएसआई जेके राव के मार्गदर्शन में टीमें काम कर रही थीं। इसी बीच, एएसआई जगदीशभाई और हेड कांस्टेबल प्रकाशभाई को सूचना मिली कि करेली गांव के मधुवन रेजीडेंसी के मकान नंबर 188 में बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ छिपाए गए हैं।
पुलिस ने अचानक छापा मारकर ओडिशा के मूल निवासी चार लोगों को रंगे हाथों पकड़ लिया।ओर घटनास्थल से गांजे की मात्रा 55.493 किलोग्राम ₹1000 प्रतिकिलो कुल 27,74,650,
टेम्पो नंबर GJ-05-CU-1531,
6 मोबाइल फोन,नकदीऔर दस्तावेज कुलराशि ₹30,34,420
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में बतायाथा कि ओडिशा के गंजाम जिले के मुख्य आपूर्तिकर्ता राजेश उर्फ राम और जयसिंह ट्रेन के माध्यम से गांजा की बड़ी मात्रा भेज रहे थे।
सायन रेलवे ट्रैक के पास पिलर नंबर के पास लाइट सिग्नल दिखाकर यह माल पहुंचाया गया। वहां से इसे टेम्पो के जरिए करेली गांव के एक घर में लाया जाता और सूरत के विभिन्न इलाकों में बेचा गया।
गिरफ्तार आरोपियों में जयसेन स्थान महंती, सुशांत प्रफुल्ल नायक, अजय उर्फ अजय नित्यानंद नायक और श्रीकांत शिबराम पलाटा शामिल हैं, जो ओडिशा के निवासी हैं।
इस अपराध में पुलिस ने मुख्य आरोपी राजेश उर्फ गंगू, जयसिंह और ट्रेन में माल पहुंचाने वाले लोगों समेत कुल 7 लोगों को वांछित घोषित किया है।
ओलपाड पुलिस स्टेशन ने एनडीपीएस अधिनियम की धारा तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच कर रही है। रिमांड पूरी होने के बाद गिरफ्तार आरोपियों को सूरत जिले की लाजपुर जेल में भेज दिया गया है।
