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झांसी। अगर सातों समन्दर के पानी को स्याही बना दी जाए और उससे लिखा जाए तो समन्दरों के पानी खत्म हो जायेंगे। अल्लाह के अहसानों का जिक्र तब भी पूरा नहीं हो सकता हसनी नदवी

 आनन्द बॉबी चावला ब्यूरो चीफ झांसी।



*अगर सातों समन्दर के पानी को स्याही बना दी जाए और उससे लिखा जाए तो समन्दरों के पानी खत्म हो जायेंगे। अल्लाह के अहसानों का जिक्र तब भी पूरा नहीं हो सकता हसनी नदवी।*


*इस्लाम सिखाता है कि पड़ोसी का तुम्हारे उपर हक है। वो किसी भी धर्म और जाति का हो। बिरदारे वतन के साथ अच्छा सुलूक भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि मस्जिद के इमामों का भी हमें खास ख्याल रखना चाहिए। उनके साथ हमें गौर और फिक्र करने की बहुत ज़रूरत है। उनके साथ हमदर्दी का मामला करें।*

दिनांक 27.1.2026


झांसी! मदरसा इस्लामिया महादुल मुआरिफ मजिस्द शहीदैन, जीवनशाह में एक अहम इल्मी फिक्री और तहरीकी नशिस्त मुफती मुहम्मद इमरान नदवी की अध्यक्षता और रिसर्च स्कॉलर-दारे अरफात इंस्टीट्यूट रायबरेली और दारूल उलूम नदवतुल उलमा लखनउ के मायनाज़ फरज़न्द, खानदान-ए-सादात हसनी के चश्मों-चराग़ हमाज़िहत सलाहियतों के मालिक फाज़िल हजरत मौलाना सैयद अब्दुल अली हसनी नदवी हफिज़ाल्लाह के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुई।


इस नशिस्त का उनवान था - मौजूदा ज़माने के चैलेंजेज उलमा, अइम्मा और दानिशवरान-ए-कौम की जिम्मेदारी।


कुरआन-ए-पाक की तिलावत के बाद नशिस्त का आगाज़ हुआ।


सब से पहले मुफती मुहम्मद इमरान नदवी ने ताअर्रूफ में बताया कि मौलाना सैयद अब्दुल अली हसनी साहब अग्रेजी और अरबी के माहिर है और दुनियॉ के तमाम हिस्सों में आपने तब्लीग का काम बखूबी अन्जाम दिया है। उन्होंने कहा कि ऑल इण्डिया पयाम-ए-इन्सानियत फोरम आज़ादी से पहले 1942 में हिन्दोस्तान में इसकी नींव रखी और एक लम्बे अर्से के बाद 1974 से इस तहरीक ने सारे हिन्दोस्तान में अपनी जिम्मेदारियां निभाना शुरू की। आज सारे मुल्क में 250 से ज़्यादा शहरों में इस की जिम्मेदारी लोग उठा रहे हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस्लाम सिखाता है कि पड़ोसी का तुम्हारे उपर हक है। वो किसी भी धर्म और जाति का हो। बिरदारे वतन के साथ अच्छा सुलूक भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि मस्जिद के इमामों का भी हमें खास ख्याल रखना चाहिए। उनके साथ हमें गौर और फिक्र करने की बहुत ज़रूरत है। उनके साथ हमदर्दी का मामला करें।


मुख्य अतिथि मौलाना सैयद अब्दुल अली हसनी नदवी साहब ने कहा कि अल्लाह ने हम पर बेशुमार अहसानात फरमाये है। रोज़े क़यामत तक अल्लाह के अहसानात खत्म नहीं होने वाले। अगर सातों समन्दर के पानी को स्याही बना दी जाए और उससे लिखा जाए तो समन्दरों के पानी खत्म हो जायेंगे। अल्लाह के अहसानों का जिक्र तब भी पूरा नहीं हो सकता। अल्लाह ने कुरान को आसान कर दिया। इसका पढ़ना, पढाना, याद करना और इस पर अमल करना सब कुछ आसान कर दिया। इन्सान बइज्ज़त, बकरामात मखलूक है। इन्सान फरिश्तों से बढ़कर अपना मुकाम हासिल कर सकता है। अल्लाह ने इन्सान को इख्तयार फरमाया लेकिन फरिश्तों को इख्तयार नहीं दिया। इन्सान को बेहतरीन बनाया। इन्सान को हवास बख्शा। तकवे, नेकी और बदी को इन्सान के अन्दर दाखिल किया ताकि इन्सान की आज़माइश हो सके।    


उन्होंने कहा कि जिसने नफस पर काबू पा लिया वो कामयाब हो गया। अल्लाह ने बेशुमार अम्बिया दुनियॉ में भेजे सभी का एक ही पैग़ाम था। अल्लाह की इबादत करो और आखिरत पर यकीन करो और आखरी नबी हजरत मोहम्मद सल्लाहोअल्हैवसल्लम के ज़रिये दीन को मुकम्मल फरमाया। हज़रत मोहम्मद साहब जो अमीन और सादिक थे उन्होंने कहस तुममें सबसे बेहतर इन्सान वो है जिसका अखलाक सबसे अच्छा हो और अच्छा अखलाक क़यामत के दिन आमाल नामें में सब से भारी अमल है। हुजूर पर भी आज़ामइशें आयीं लेकिन आपने कभी किसी को बददुआ नहीं दी।


उन्होंने इस्लाम का पैगाम देते हुए कहा कि हम अपने जिन्दगी में इन बातों को उतारें क्यों कि हम हुजूर के पैरोकार हैं। उलेमा की जिम्मेदारी है कि कुरान मजीद के पैग़ाम को लोगों तक पहुॅचायें।


उन्होंने कहा कि पयाम-ए-इन्सानियत फोरम खिदमते ख़ल्क से एक इन्सान को दूसरे इन्सान से ज़ोड़ने का काम कर रही है। हमें चाहिए कि बिरादरे वतन के साथ गम-ख्वारी का मामला क़ायम करें। हमें सभी की फिक्र करना है। हमें कालेज, यूनिवर्सिटी या घरों में महदूद नहीं रहना है बल्कि बिरादराने वतन के लिए अपनी खिदमात अन्जाम देना है। इन्सान बिरादरी एक बिरादरी है। वो इन्सान नहीं हो सकता जब तक वो जो खुद के लिए पसन्द करता हो वहीं दूसरे के लिए भी पसन्द करे।


मुफ्ती अफ्फान असअदी ने नशिस्त का संचालन किया।


इस मौके पर मुफ्ती साबिर, मुफ्ती आरिफ, हाजी नासिर, हसन मोहम्मद, शब्बीर अहमद, मज़हर, अफज़ल खान, हाजी मुजाहिद, एड0 इमरान, मो0 समीर, इल्यास अली बीएचईएल, हाजी जमाल और बहुत से लोग उपस्थित रहे।  


विनय तिवारी सिटी। रिपोर्टर झांसी

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