भारत-नेपाल सीमा समन्वय समिति की बैठक:सुरक्षा और तस्करी रोकने पर बनी सहमति
मुकेश कुमार-स्टेट हेड-बिहार/झारखंड
चंद्रनिगाहपुर(नेपाल)।
भारत और नेपाल के सीमावर्ती जिलों के बीच शांति,सुरक्षा और आपसी तालमेल को मजबूत करने के लिए गुरुवार को रौतहट जिले के चंद्रनिगाहपुर में जिला सीमा समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।इस उच्चस्तरीय बैठक में सीतामढ़ी(भारत)और नेपाल के महोत्तरी,सर्लाही व रौतहट जिलों के प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया।बैठक में सीमा पार से होने वाली शराब,मादक पदार्थों, हथियारों और मानव तस्करी को पूरी तरह रोकने पर विस्तार से चर्चा हुई।दोनों देशों के अधिकारियों ने प्रतिबंधित ड्रग्स की आवाजाही पर लगाम लगाने के लिए आपसी खुफिया जानकारी साझा करने और समन्वय को और बेहतर बनाने पर सहमति जताई। इसके अलावा,'नो मैंस लैंड' (दशगजा क्षेत्र)में बढ़ते अतिक्रमण को एक गंभीर मुद्दा मानते हुए इस दिशा में व्यावहारिक निर्णय लिए गए।चुनाव-2026 को देखते हुए सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सहयोग पर विशेष विमर्श किया गया।जिलाधिकारी सीतामढ़ी,रिची पांडेय ने जोर देते हुए कहा कि सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों के बीच परस्पर विश्वास और सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान अनिवार्य है।उन्होंने कहा, "ऐसी बैठकें न केवल सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाती हैं,बल्कि दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सौहार्द को भी और प्रगाढ़ करती हैं।"भारतीय दल का नेतृत्व जिलाधिकारी रिची पांडेय और पुलिस अधीक्षक अमित रंजन ने किया। बैठक में बीरगंज स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास के कौंसल मनीष कुमार दास,एसएसबी की 20वीं और 51वीं बटालियन के कमांडेंट,अपर समाहर्ता संजीव कुमार और डीडीसी संदीप कुमार भी शामिल थे। वहीं,नेपाल की ओर से तीनों जिलों के मुख्य जिला अधिकारी और पुलिस अधीक्षकों ने अपनी भागीदारी दर्ज की।
अंत में,दोनों देशों के अधिकारियों को प्रतीक चिह्न(मोमेंटो)देकर सम्मानित किया गया और भविष्य में भी इसी तरह के सहयोग का संकल्प लिया गया।

