भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा पीएम आवास, पीड़िता का आरोप रिश्वत के चलते आपात्र घोषित
अमेठी से आदर्श प्रताप सिंह
अमेठी विकासखंड सिंहपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत मेहमानपुर ग्राम गंगापुर की एक पीड़िता ने 2023 में ऑफदा दौरान घटित हुई घटना को राजस्व विभाग को आप बीती सुनाई तो क्षेत्रीय राजस्व कर्मियों द्वारा जांच उपरांत राहत कोष से मु0 रुपये चार हजार प्रार्थनी को आर्थिक धनराशि के रूप में प्रान्त हुई, उत्तर प्रदेश राज्य सरकार की तरफ से जारी शासनादेश आफदा से क्षतिग्रस्त हुए पात्र मकान मालिक को पीएम आवास योजना के तहत पक्का मकान मुहैया करवाया जाये ! जिसकी पूर्णतया जिम्मेदारी विकास विभाग की बनती है, यही से शुरु होता है 20 20 का खेल, पीड़िता पात्र ग्रहणी के रूप में प्रधानमंत्री आवास योजना की लिस्ट में शामिल होती है, यह बात ग्राम विकास अधिकारी गुंजन गुप्ता को राज नहीं आया जिनके सर पर ग्रामसभा का सरकारी ताज बधा था ! निरीक्षण के दौरान कथित ग्राम पंचायत अधिकारी पीड़िता से मिलती है अप्रत्यक्ष रुप से संक्षेप में आवास के एवज में बीस हजार रुपये की मांग करती है, पीड़िता भी क्या करें कथित ग्राम पंचायत अधिकारी की बात मान जाती है और ग्राम पंचायत अधिकारी की रिपोर्ट में पीड़िता पात्र घोषित कर दी जाती है ! पात्रता की लिस्ट में शामिल होते ही बहुचर्चित ग्राम पंचायत अधिकारी कंचन गुप्ता तय रकम बीस हजार को पीड़िता से मांगती है, पीड़िता द्वारा कई बार टालमटोल किया अंतोगत्वा पीड़िता ने मजबूरी बस कंचन गुप्ता को दस हजार रुपये दे दिया, परंतु भ्रष्टाचारी ग्राम पंचायत अधिकारी का पेट इतने में कैसे भरे जिसपर अनेकों भ्रष्टाचार के आरोप लगे हो, भ्रष्टाचारी ग्राम पंचायत अधिकारी तय रकम बीस हजार में से बकाया राशि मांगती रही इस दौरान कई बार पीड़िता के घर तक गई, मजबूर पीड़िता भी क्या करती आवास आने के बाद बकाया शेष राशि देने को कहती रहीं, पीड़िता मोटी रकम देने में असमर्थता दिखा रही थी, इसी दौरान पीड़िता के द्वारा आवास संबंधित एक शिकायत पत्र जनसुनवाई पोर्टल पर किया था जिस पर ग्राम विकास अधिकारी गुंजन गुप्ता द्वारा गलत निरीक्षण कर अपने उच्च अधिकारियों को भ्रमित करने का कार्य किया है प्राथनी को दबाव में लेकर ₹ बीस हजार की मांग करती रही ! कहां और न देने की स्थिति में बताया कि आवास के विषय में ऐसी रिपोर्ट लगा दूंगी जिससे तुम्हारी समझ में आ जाएगा प्रार्थनी के द्वारा बचाव उपरोक्त पैसा ना देने पर श्रीमती गुंजन गुप्ता द्वारा मेरे पति के भाई के मकान को दिखाकर गलत रिपोर्ट लगा दिया मेरा मकान पूरी तरह से कच्चा है जिसमें छप्पर टीन सेट रखा हुआ है अपने कर्तव्यों का उचित पालन न करते हुए अपने अधिकारियों को गुमराह किया है! इस तरह आवास सत्यापन के दौरान एक जिम्मेदार व लाभार्थी के बीच भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोप का विवाद हुआ!"प्रधानमंत्री आवास पात्रत श्रेणी के बावजूद नहीं हुआ मुहैया"
पीड़िता दर दर ठोकरे खाने को मजबूर, हार कर जिलाधिकारी अमेठी को शिकायती पत्र जरिए डाक भेजकर लगाई न्याय की गुहार , देखना है कि पीड़िता को न्याय एवं बहुचर्चित दोषी ग्राम पंचायत के विरुद्ध कब होती है कार्यवाही ।
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