रिपोर्ट भरतसिंह आर ठाकोर अरवल्ली गुजरात
अरावली जिले की बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गुजरात इंस्टीट्यूट ऑफ पॉटरी आर्ट्स एंड रूरल टेक्नोलॉजी की एक अनूठी पहल
मेघरज के बड़ज गांव में विभिन्न सखीमंडलों की लगभग 30 महिलाओं को काष्ठकला का प्रशिक्षण दिया गयाग्रामीण महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मेघरज तालुका के बेडज गांव में गुजरात पॉटरी आर्ट्स एंड रूरल टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट द्वारा एक विशेष वुडवर्किंग प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। इस प्रशिक्षण में बड़गे गांव के जयश्री लक्ष्मी मां सखी मंडल, जय आसपुरा मां सखी मंडल, रोशनी सखी मंडल एवं संगम सखी मंडल की कुल 30 बहनें उत्साहपूर्वक भाग ले रही हैं.
बैडज ग्रुप ग्राम पंचायत, मिशन मंगलम और रिलायंस फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को बांस से फोटो फ्रेम, मोबाइल स्टैंड, मोबाइल बॉक्स, सेनेटरी बॉक्स, दीवार वॉलपेपर, फूलदान सहित विभिन्न उपयोगी और बिक्री योग्य वस्तुएं बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।यह प्रशिक्षण गुजरात इंस्टीट्यूट ऑफ पॉटरी आर्ट एंड रूरल टेक्नोलॉजी के झाला विनोद सिंह की मौजूदगी में बारिया दिलीपकुमार, पटेल राजेशकुमार और शैलेद्र सिंह द्वारा पिछले दो माह से नि:शुल्क दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रशिक्षु बहनों को रुपये का भुगतान किया जाएगा। 9,000/- के साथ एक कारीगर कार्ड और प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा।
वुडवर्किंग का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं ने सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से हम नया काम सीख सकेंगे और ये सभी चीजें बनाकर बेचकर हम अपने पैरों पर खड़े हो सकेंगे और आत्मनिर्भर रोजगार प्राप्त कर सकेंगे.
इस प्रकार का व्यावसायिक प्रशिक्षण ग्रामीण महिलाओं के लिए आय के नये अवसर पैदा कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

