Type Here to Get Search Results !
BREAKING
विज्ञापन
TTN24 न्यूज चैनल समस्त राज्यों से डिवीजन हेड, मार्केटिंग हेड एवं ब्यूरो रिपोर्टर बनने के लिए शीघ्र संपर्क करें — 📞 +91 9956072208, +91 9454949349, ✉️ ttn24officialcmd@gmail.com — साथ ही चैनल की फ्रेंचाइजी एवं TTN24 पर स्लॉट लेने के लिए संपर्क करें — 📞 +91 9956897606 — ☎️ 0522 3647097 | आपका पसंदीदा हिंदी न्यूज चैनल TTN24 अब उपलब्ध है सभी डिजिटल केविल नेटवर्क पर — जिओ टीवी, जिओ फाइबर चैनल नंबर 543, टाटा प्ले चैनल नंबर 2075, E-star डिजिटल केविल चैनल नंबर 201, DTH लाइव टीवी, स्मार्ट टीवी, एवं सभी एंड्रॉइड बेस्ड ओटीटी प्लेटफार्म एवं यूट्यूब फेसबुक Live 24x7. चैनल से जुड़ने के लिए शीघ्र संपर्क करें — 📞 +91 9956072208 | Head Office : llnd Floor Regency Tower, Shivaji Marg, Hussainganj, Lucknow (U.P.) 226018. Managing Director : Avneesh Dwivedi — 📞 +91 9956072208, +91 9794009727. समाचार, विज्ञापन एवं चैनल में किसी प्रकार की शिकायत एवं सुझाव के लिए कॉल करें — 📞 +91 9956072208

पॉक्सो एक्ट का दुरुपयोग: झूठे केस के सूचक के खिलाफ कार्रवाई का सख्त आदेश, न्यायालय ने दिखाया दृढ़ रुख

 लोकेशन बोकारो से नेशनल हेड एवं लीगल एडवाइजर अधिवक्ता राजेश कुमार की विशेष रिपोर्ट। एंकर

पॉक्सो एक्ट का दुरुपयोग: झूठे केस के सूचक के खिलाफ कार्रवाई का सख्त आदेश, न्यायालय ने दिखाया दृढ़ रुख

बोकारो (गोमिया) – बच्चों के यौन शोषण से सुरक्षा के लिए बनाया गया पॉक्सो एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences Act) अब कुछ लोगों द्वारा व्यक्तिगत रंजिश साधने का हथियार बनता जा रहा है। ऐसे में झूठे आरोप लगाकर निर्दोषों की जिंदगी बर्बाद करने वालों के खिलाफ न्यायालय ने सख्त कदम उठाया है। गोमिया थाना के एक मामले में स्पेशल पॉक्सो जज देवेश कुमार त्रिपाठी ने बुधवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सूचक के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।

मामले की जानकारी के अनुसार, गोमिया निवासी अजय कुमार नायक ने 20 अगस्त 2024 को अपने 70 वर्षीय पड़ोसी उमा शंकर नायक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 22 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि आरोपी ने उनकी 15 वर्षीय बेटी को घर लौटते समय दुकान में बुलाकर छेड़छाड़ की और पूछताछ पर गाली-गलौज की।

ट्रायल के दौरान सभी साक्ष्यों, गवाहों और सबूतों की गहन जांच के बाद न्यायालय ने पाया कि यह मामला पूरी तरह झूठा था। आपसी रंजिश के कारण सूचक ने अपनी नाबालिग बेटी को ढाल बनाकर निर्दोष बुजुर्ग पर गंभीर आरोप लगाए थे। इससे न केवल न्यायालय का कीमती समय बर्बाद हुआ, बल्कि पॉक्सो एक्ट के मकसद पर भी सवाल उठे।

न्यायालय ने आरोपी उमा शंकर नायक को बरी कर दिया और सूचक अजय कुमार नायक के खिलाफ सीजीएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज करने का स्पष्ट आदेश दिया। विशेष लोक अभियोजक रवि शंकर चौधरी ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए बताया कि यह कदम पॉक्सो एक्ट के दुरुपयोग को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है।

समाज के लिए संदेश स्पष्ट है

पॉक्सो एक्ट बच्चों की सुरक्षा के लिए एक शक्तिशाली कानून है, लेकिन इसका दुरुपयोग निर्दोषों को सजा देने और सच्चे पीड़ितों की आवाज दबाने का काम करता है।

झूठे आरोप लगाने वाले अब कानूनी कार्रवाई का सामना करेंगे, जिसमें IPC की धारा 211 (झूठा केस दर्ज कराना), 182 (झूठी सूचना देना) या अन्य संबंधित धाराओं के तहत सजा हो सकती है।

समाज को जागरूक होना होगा कि व्यक्तिगत दुश्मनी या छोटी-मोटी झगड़े के लिए बच्चों को बीच में न लाएं। सच्चे मामलों में कानून पीड़ित के साथ खड़ा रहेगा, लेकिन झूठ के लिए कोई जगह नहीं।

यह फैसला बोकारो जिले के साथ-साथ पूरे देश के लिए एक मिसाल है। न्यायपालिका ने साफ संकेत दिया है कि कानून का सम्मान हर हाल में होना चाहिए – चाहे आरोपी कोई भी हो। झूठे केसों से न केवल निर्दोष प्रभावित होते हैं, बल्कि वास्तविक यौन शोषण के शिकार बच्चों को न्याय मिलने में देरी होती है।

आइए, हम सब मिलकर पॉक्सो एक्ट को उसका असली उद्देश्य पूरा करने दें – बच्चों की असली सुरक्षा, न कि रंजिश का हथियार।

Youtube Channel Image
TTN24 | समय का सच www.ttn24.com
Subscribe