ब्यूरो चीफ शैलेन्द्रसिंह बारडोली गुजरात
भाजपा मे मौजूदा लहर सुदी के बीच पान-पान की पार्टी जैसी है, माहौल ऐसा है जैसे एक ही परिवार के दो गुटों के बीच कबड्डी प्रतियोगिता चल रही हो
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| फोटो: सूरज वसावा 2अमित पटेल 3 मृणाल जोशी 4अनिल चौधरी |
अगर दागी अतीत और लगातार विवादों में घिरे चेहरों को वापस सत्ता में नहीं भेजा गया तो जिला पंचायत, नगर निगम और अन्य पदाधिकारियों के साथ संगठन से इस्तीफा देने की खुली धमकी दी गई है।
माेवडी मंडल को इस बात का डर सता रहा है कि घर में चल रही आंतर कलह से सीधा फायदा दूसरी पार्टी ले सकती है।
भारतीय जनता पार्टी में तापी जिला संगठन में पदों के बंटवारे को लेकर भारी हंगामा मचा हुआ है।
जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने जिला अध्यक्ष सूरजभाई वसावा द्वारा घोषित नामों और उनके कामकाज के तरीके के खिलाफ विद्रोह कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, जिला अध्यक्ष ने आधिकारिक घोषणा से पहले ही अपने समर्थकों को फोन करके बधाई देना शुरू कर दिया।
जिससे कथित तौर पर अनुशासित पार्टी में हास्यास्पद स्थिति पैदा होने के साथ कईगुना पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाली बात हो गई।
भूतकाल अनेक विवादों में रहे वैसे लोगों के नामो आगे रखते ही कार्यकर्ताओं में आक्रोश देखने मिला
अमित पटेल, मृणाल जोशी और अनिल चौधरी के नाम महासचिव पद के लिए तय होते ही विरोध की आग भड़क गई।
विशेष रूप से, अमित पटेल पर कार्यकर्ताओं को अत्याचार के मामलों में फंसाने की धमकी देना जैसा गंभीर आरोप भूतकाल में लग चुके है।
जो लोग सालो से पार्टी के लिए निष्ठा कार्य से संघर्ष करते आए ऐसे जमीनी कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर भारी असंतोष की ज्वाला देखने को मिली है
महासचिव का इतना बड़ा पद सीधे मृणाल जोशी को सौंप दिया गया है, जो हाल ही में भाजपा में शामिल हुए हैं। कही ये तो इरादा नहीं है कि मोहरा खड़ा करके अपनी रोटी पका लेने की सोच
ये मामले में जिसने पद का अस्वीकार कर दिया उनके लिए कितनी शर्मसार बात हो गई।
जिला अध्यक्ष को पदों के बंटवारे के बारेमे चर्चा करने के लिए फोन से संपर्क करना चाहे लेकिन फोन उठाके बात करने का समय नहीथा या तो बात करना ठीक नहीं समझा होगा।
ट्विंकल पटेल ने ओबीसी फ्रंट के अध्यक्ष पद का प्रस्ताव ठुकरा दिया।
धवल चौधरी: आदिजाति मोर्चा के अध्यक्ष बनने की राह पर स्पष्ट रूप से पद को ठुकराया जिनका ये भी मतलब हो सकता है की जिला संगठन में सब कार्य ठीक से नही चलता हो।
उन्होंने मना कर दिया। धवल चौधरी ने टेलीफोन पर हुई बातचीत में स्वीकार किया कि उन्होंने पद स्वीकार करने से इनकार कर दिया था, जिससे यह साबित होता है कि जिला संगठन में सब कुछ ठीक नहीं है।
लाखों रुपये की 'निर्धारित राशि' को लेकर माहौल गरम होने के साथ मे भारी हलचल मचा दी है ये बात को लेके चौंकाने वाला आरोप वित्तीय लेन-देन से जुड़ा हो सकता है।
पुरे जिले के राजकीय वर्ग में चर्चा चल रही है कि महासचिव पद के लिए धनराशि मुद्दा कार्यकर्ताओं में चर्चा के अनुसार, अमित पटेल को महासचिव बनाने के लिए रुपये के लेन देन का जो आरोप लग रहा है उनकी जांच जरूरी।
भविष्य काल मे ये मुद्दा भाजपा पार्टी को हानि पहुंचाने वाली बात सच ना हों जाए ओर उसी बात को लेकर बड़ी संख्या में नाराज कार्यकर्ता पार्टी को इस्तीफा न दे दे ओर कार्यकर्ता की नाराजगी कैसे दूर हो फिलहाल तो वोही दिशा में सोच कर मसला हल करना जरूरी लग रहा है।
