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कायमगंज: तराई में 5 माह बाद भी सड़कें बदहाल, PWD की अनदेखी से खेतों के रास्ते गुजर रहे ग्रामीण ।
रिपोर्ट सौरभ दीक्षित फर्रुखाबाद
कायमगंज (फर्रुखाबाद) | 28 जनवरी 2026
कायमगंज के तराई क्षेत्र में बाढ़ आए पांच महीने बीत चुके हैं, लेकिन यहां का जनजीवन अब तक सामान्य नहीं हो पाया है। शहर को जोड़ने वाली मुख्य सड़क बूढ़ी गंगा के पास बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसकी मरम्मत न होने के कारण ग्रामीण खेतों से होकर आवागमन करने को मजबूर हैं।संपर्क मार्ग पूरी तरह ध्वस्तकोट पहाड़ी गांव के पास स्थित यह सड़क बाढ़ के दौरान पूरी तरह कट गई थी, जिससे तराई क्षेत्र का शहर से संपर्क टूट गया था। उस समय लोग नावों का उपयोग करते थे और खेत भी पानी में डूब गए थे। बाढ़ समाप्त हुए पांच महीने हो गए हैं, लेकिन क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का काम अब तक शुरू नहीं हो पाया है।
धूल भरे रास्तों और हादसों का जोखिम
शासन ने दिवाली तक सभी सड़कों को दुरुस्त करने के आदेश दिए थे, इसके बावजूद पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग ने इन्हें चलने योग्य बनाने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया। वर्तमान में ग्रामीण धूल भरे खेतों के रास्तों से आवागमन कर रहे हैं। इन कच्चे मार्गों पर वाहनों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है और बाइक चालकों को भी निकलने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
किसान का दर्द: खेत बना झील, हजारों का नुकसानबाढ़ के पानी से कटी सड़क का खामियाजा किसानों को भी भुगतना पड़ रहा है। अताईपुर निवासी मेघनाथ का लगभग एक बीघा खेत झील में तब्दील हो गया है। मेघनाथ ने बताया कि उनके खेत में अब खेती करना संभव नहीं है, जिससे उन्हें हर साल लगभग 20 हजार रुपये की तम्बाकू और 15 हजार रुपये की मक्का की फसल का नुकसान हो रहा है।
उन्होंने बताया कि मिट्टी कट जाने के कारण खेत इतना गहरा हो गया है कि उसमें भराव कराना भी संभव नहीं है। मेघनाथ ने शिकायत की है कि उनकी इस गंभीर समस्या पर आज तक किसी भी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया है।
अधिकारी का बयान
इस संबंध में पीडब्ल्यूडी निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार ने बताया कि जिले में बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई लगभग 95 सड़कों का निर्माण किया जाना है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन सड़कों के टेंडर हो चुके हैं और जल्द ही सभी को दुरुस्त कर दिया जाएगा।



