हरदोई डीएम ने ग्राम पंचायत गंज जलालाबाद में विकास कार्यों में हुई धांधली की 30 दिन में माँगी रिपोर्ट।
चन्दगीराम मिश्रा
हरदोई यूपी
हरदोई 17 जनवरी जनपद के विकास खण्ड मल्लावां के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत गंज जलालाबाद में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के बंदरबांट का मामला सामने आया है। जिला मजिस्ट्रेट (DM) हरदोई ने इन शिकायतों का संज्ञान लेते हुए व्यापक जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।क्या है पूरा मामला?
ग्राम पंचायत सदस्य श्री रामकुमार द्वारा शपथ-पत्र के माध्यम से दी गई शिकायत के अनुसार, ग्राम पंचायत समिति पर वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-23 के दौरान कराए गए कार्यों में गंभीर अनियमितताओं के आरोप हैं। मुख्य शिकायतें निम्नलिखित हैं:
लच्छों देवी देवी मंदिर से जयनारायण के मकान तक कराए गए इंटर लॉकिंग रोड और नाली निर्माण कार्य का भुगतान कथित तौर पर दो बार निकाला गया है। जो विकास समिति की
तीन सदस्यीय टीम बनी है उसमें सुधा मिश्रा, रजनीश कटियार, राधा कुशवाहा है इसमें सुधा मिश्रा अध्यक्ष है इनके परिवार वालों ने मनरेगा द्वारा नव निर्मित कच्ची सड़क की लगभग 20 ट्राली सरकारी मिट्टी की खुदाई कर विभाग को क्षति पहुंचाई है। विदित हो पंचवर्षीय में किसी भी पंचायत बैठक में ये सदस्य पंचायत भवन में उपस्थित नहीं रही है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि पूर्व में की गई शिकायतों को दबाने के लिए ग्राम पंचायत समिति द्वारा साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की गई और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया गया।शिकायत को संज्ञान में लेते हुए डीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए,
जिला मजिस्ट्रेट ने 'संयुक्त प्रान्त पंचायतीराज अधिनियम-1947' की सुसंगत धाराओं के तहत इस मामले की प्रारंभिक जांच के निर्देश प्राचार्य, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), हरदोई को दिए हैं।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि:
जांच अधिकारी को 30 दिनों के भीतर अपनी स्पष्ट जांच आख्या (रिपोर्ट) निष्कर्ष सहित प्रस्तुत करनी होगी।
सहायक अभियंता (ग्रामीण अभियंत्रण विभाग) तकनीकी जांच में सहयोग करेंगे।
खंड विकास अधिकारी (BDO) और ग्राम पंचायत सचिव को निर्देश दिया गया है कि वे जांच अधिकारी को आय-व्यय का विवरण और समस्त आवश्यक दस्तावेज तत्काल उपलब्ध कराएं।
इन अधिकारियों को भेजी गई प्रतिलिपि
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस आदेश की प्रति मुख्य विकास अधिकारी (CDO), जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) और संबंधित ब्लॉक के अधिकारियों को भेजी गई है। पंचायत समिति को भी जांच के दौरान उपस्थित रहकर अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है।
इस जांच के आदेश के बाद से ही स्थानीय स्तर पर हड़कंप मचा हुआ है। अब देखना यह होगा कि 30 दिनों की समय सीमा में क्या तथ्य निकलकर सामने आते हैं।

