*रिपोर्ट भरतसिंह आर ठाकोर अरवल्ली गुजरात*
*‘ग्रीन गुजरात, विकसित गुजरात’ : पिछले 3 वर्ष में 1.04 लाख हेक्टेयर वन क्षेत्र में बुवाई कार्य किया गया*
*सामाजिक वनीकरण योजना अंतर्गत ग्रीन कवर में उल्लेखनीय वृद्धि, पिछले 3 वर्ष में वन क्षेत्र से बाहर 10,213 हेक्टेयर क्षेत्र में विभागीय बुवाई पूर्ण*
• *वन एवं पर्यावरण विभाग के लिए गुजरात सरकार द्वारा बजट में 3,140 करोड़ रुपए का प्रावधान*
• *पिछले 3 वर्ष में स्थानीय आदिवासी समुदायों को कुल 158 लाख बाँस का वितरण किया गया*
• *‘मिष्टी’ योजना के क्रियान्वयन में अग्रसर गुजरात, पिछले 3 वर्ष में कुल 34,242 हेक्टेयर क्षेत्र में मैंग्रोव की बुवाई की गई*
*गांधीनगर, 10 दिसंबर :* आगामी 12 दिसंबर को मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के सुशासन के तीन वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ‘ग्रीन गुजरात, विकसित गुजरात’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में कार्यरत है। पिछले 3 वर्ष में गुजरात ने पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए ग्रीन कवर बढ़ाने के लिए व्यापक पैमाने पर बुवाई एवं पुनर्वनीकरण किया है। सस्टेनेबल डेवलपमेंट का यह विशिष्ट मॉडल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत@2047 के विजन के अनुरूप है।पिछले तीन वर्ष में गुजरात ने पर्यावरण संरक्षण तथा हरितावरण बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिसमें एक उल्लेखनीय प्रयास वन क्षेत्र में बुवाई बढ़ाना है। वन विभाग द्वारा वन क्षेत्र में कुल 1,04,270 हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई की गई है। इतना ही नहीं; केन्द्र सरकार की ‘मिष्टी’ योजना के क्रियान्वयन में भी गुजरात अग्रसर राज्य है।
*‘मिष्टी’ योजना अंतर्गत गुजरात में 34,242 हेक्टेयर क्षेत्र में हुई मैंग्रोव की बुवाई*
मैंग्रोव इनिशिएटिव फॉर शोरलाइन हैबिटेट एंड टेंजिबल इनकम (मिष्टी) योजना अंतर्गत समुद्र तट पर मैंग्रोव वन सृष्टि का विस्तार करते हुए कुल 34,242 हेक्टेयर क्षेत्र में मैंग्रोव की बुवाई की गई है। ‘मिष्टी’ योजना केन्द्र सरकार ने 5 जून, 2023 को तटवर्ती राज्यों में मैंग्रोव इकोसिस्टम को पुनर्जीवित करने के लिए शुरू की थी; जिसका मुख्य उद्देश्य मैंग्रोव बुवाई, मैंग्रोव क्षेत्र की वैज्ञानिक मैपिंग, नर्सरी विकास, हाइड्रोलॉजी-भौगोलिक स्थिति का मूल्यांकन, जन जागृति, प्रशिक्षण, अनुसंधान तथा इको-टूरिज्म को प्रोत्साहन देकर तटीय पर्यावरण का संरक्षण करना है।
*पिछले तीन वर्ष में स्थानीय आदिवासी समुदायों को कुल 158 लाख बाँस का वितरण*
राज्य सरकार ने परंपरागत घास-चारे की पुनर्स्थापना तथा वनाधारित जीवन को समर्थन देने के लिए उल्लेखनीय प्रयास किए हैं। पिछले 3 वर्ष में कच्छ के बन्नी क्षेत्र में कुल 5,000 हेक्टेयर में घास-चारे की बुवाई करके विभागीय घास-चारा संग्रह के अलावा अनुमानित 52.52 लाख किलोग्राम घास-चारे का स्थानीय लोगों को वितरण किया गया है। इसके अतिरिक्त; राज्य में पिछले तीन वर्ष में स्थानीय आदिवासी समुदायों को कुल 158 लाख बाँस का वितरण किया गया है।
*सामाजिक वनीकरण योजना : पिछले 3 वर्ष में 10,213 हेक्टेयर क्षेत्र में विभागीय बुवाई पूर्ण*
वन विभाग द्वारा वन क्षेत्र में वनावरण बढ़ाने के लिए पिछले 3 वर्ष में कुल 1,04,270 हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई कार्य किया गया है, जबकि वन क्षेत्र से बाहर हरितावरण बढ़ाने के लिए सामाजिक वनीकरण योजना अंतर्गत पिछले 3 वर्ष में कुल 10,213 हेक्टेयर क्षेत्र में विभागीय बुवाई कार्य किया गया है। इसके अलावा; राज्य के किसानों को वन विभाग की विभिन्न सहायता योजनाओं के तहत प्रोत्साहन दिया गया है, जिसके कारण पिछले तीन वर्ष में किसानों द्वारा 1,09,425.60 हेक्टेयर क्षेत्र में पेड़-पौधे लगाए गए हैं।
*भावी पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य का निर्माण करने का गुजरात का दृढ़ संकल्प*
ग्रीन कवर पर्यावरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। वह जलवायु स्थिरता, भूमि की उत्पादन क्षमता बढ़ाने, जैवविविधता बनाए रखने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायता करता है। विशेषकर मैंग्रोव समुद्री जीव सृष्टि को समर्थन देने, समुद्र तट को स्थिर रखने और चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दुष्प्रभाव कम करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। गुजरात दीर्घकालीन विकास को ध्यान में रखकर पर्यावरण को संरक्षित रखने एवं भावी पीढ़ियों के लिए टिकाऊ हरित भविष्य बनाने को प्रतिबद्ध है। पर्यावरण जतन के लिए राज्य सरकार द्वारा वन एवं पर्यावरण विभाग के लिए 2025-26 के बजट में कुल 3,140 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
