छोटेबेटिया ओर कोरेनार के लैम्स कार्यलय खाद गोदाम लेटलतिफ एवं गुणवत्ता हिन्
*रिपोर्टर -उत्तम बनिक पखांजूर*
छोटे बेटियां ओर कोरेनार लेम्पस में खाद गोदाम एवं लेम्पस कार्यालय का निर्मांण सहकारिता विभाग की देखरेख मे लगभग 25 लाख रुपए की लागत से निर्माण किया जा रहा है।इस भवन की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीण सवाल उठ रहे हैं। इधर सहकारिता विभाग के द्वारा करीब पच्चीस लाख की लागत से लेम्पस कार्यालय खाद गोदाम का निर्माण करवाया जा रहा है। भवन की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने आपत्ति लेम्पस प्रभारी प्रबंधक को जाहिर की है। गोदाम भवन को बनाने का ठेका धमतरी के ठेकेदार को दिया गया है, लेकिन निर्माण में गुणवत्ता को दरकिनार करने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ठेकेदार के द्वारा विभाग के मापदंड के अनुरूप कार्य नही किया जा रहा।
ज्ञात हो की बांदे लेम्पस से अलग होने के बाद छोटेबेठिया एवं कोरेनार में लेम्पस गोदाम भवन की स्वीकृति के लंबे समय बाद भी भवन अब तक नही बन पाया। ग्रामीणों ने बताया की इसमें भी ढलाई ठीक से न होने पर भवन की छत कमजोर दिख रही है। ग्रामीणों का तर्क है कि निर्माणाधीन भवन की शुरू से ही अच्छे से नहीं की गई है। स्थिति ऐसी है कि जरा सी ठोकर मारने पर छत की एवं दीवाल का प्लास्टर नीचे गिरने लगा है। बनाने के पूर्व ही दीवार से बारिश का पानी सिपेज हो रहा है। भवन मे लगे खिड़की बनाने से पहले ही ठीक ढ़ग से बंद नही हो रहे,भवन में लगे खिड़की के मटेरियाल घटिया एवं भवन निर्माण में ठेकेदार के द्वारा निम्न स्तर का मटेरियाल का उपयोग किया गया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर व सहकारिता विभाग से इस मामले में जांच कर देखरेख करने वाले संब्ंधित अधिकारी एवं ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की है।भवन निर्माण स्थल पर सूचना पटेल नहीं
ठेकेदार के द्वारा निर्माण स्थल पर सूचना पटेल भी नहीं लगाया गया जिससे लोगों को भवन निर्माण की संपूर्ण जानकारी नहीं मिल पा रही, सरकार द्वारा हर निर्माण कार्य में पारदर्शिता बनाये रखने के लिए निर्माण स्थल पर सूचना पटेल लगाना अनिवार्य होता है ताकि लोगों को भवन की लागत राशि एवं योजना की पूरी जानकारी मिल सके।भवन निर्माण स्थल पर सूचना पट्टिका ( सूचना पटल ) का न होना एक गंभीर समस्या है। यह सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है।
इस संबंध पर ठेकेदार मनीष गजेंद्र धमतरी ने बतलाया की अभी भी पीछे साइट दीवारों का प्लास्टर बचा हुआ है। काम विभाग की देख रेख मे बना रहा है। भवन निर्माण पुरा होने पर जो भी कमी होगी ठीक हो जायेगी। मेरे द्वारा एस्टीमेट के आधार पर ही काम किया जा रहा है।
इस संबन्ध पर कोरेनार लेम्पस प्रभारी प्रबंधक सुभाष विस्वास ने बताया की भवन निर्माण मे ग्रामीणों के द्वारा घटिया निर्माण होने की मौखिक शिकायत मुझे मिली है। जिसके बाद भवन का निर्माण मापदंड के अनुरूप बनाने के लिए ठेकेदार को कहा गया है। अगर निर्माण को ठीक ढंग से नहीं किया जाता है तो मेरे द्वारा ठेकेदार को कार्य पूर्ण होने का प्रमाण पत्र नहीं दिया जाएगा। इस विषय पर उच्च अधिकारी को मेरे द्वारा अवगत करा दिया गया है।