जब-जब देश को जरूरत पड़ी,साधु-संतों ने आगे बढ़कर समाज को जोड़ने का काम किया:सम्राट चौधरी
•साधु-संतों ने हमेशा समाज को जोड़ने और दिशा देने का कार्य किया•
•संत रविदास के विचारों से सामाजिक भेदभाव खत्म करने पर जोर•
•जलमार्ग,मेट्रो और आईटी पॉलिसी से बिहार के विकास को गति•
•डबल इंजन सरकार में बिजली,सड़क और सामाजिक ढांचे का विस्तार•
मुकेश कुमार-स्टेट हेड-बिहार/झारखंड
पटना(बिहार)।बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि भारत का इतिहास रहा है कि जब-जब समाज और देश को आवश्यकता पड़ी है, तब-तब किसी न किसी साधु-संत ने आगे आकर समाज को जोड़ने और दिशा देने का कार्य किया है।उन्होंने कहा कि संत रविदास जैसे महापुरुषों के विचार आज भी प्रासंगिक हैं।उन्होंने कहा-उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी,जब समाज से ऊंच-नीच और भेदभाव को समाप्त कर सभी की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को सशक्त बनाया जाए।इसके साथ ही संत रविदास के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की आवश्यकता है।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास ने समाज में व्याप्त भेदभाव और छुआछूत को अपने विचारों और कर्मों से चुनौती दी तथा समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया।
श्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य में धार्मिक और सामाजिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है।नीतीश सरकार के कार्यकाल में बिहार के 8,000 से अधिक कब्रिस्तानों की घेराबंदी कराई गई है,जिससे वहां सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित हो सके।इसके साथ ही मंदिरों में चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए भी घेराबंदी की व्यवस्था की गई है।उन्होंने बताया कि प्रदेश के 12 हजार टोलों में बिजली,सड़क और सामुदायिक भवनों के निर्माण का कार्य लगभग 70 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा-आज प्रस्तुत किए गए बजट में वर्ष 2047 के विकसित भारत की परिकल्पना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।गंगा नदी के माध्यम से जलमार्ग व्यवस्था को विकसित कर पटना–वाराणसी और पटना–हल्दिया जलमार्ग को व्यवस्थित किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा पटना रेल मेट्रो की शुरुआत की जा चुकी है और आगामी दो महीनों में वाटर मेट्रो भी शुरू होने जा रही है, जिससे शहरी परिवहन को नई दिशा मिलेगी।
श्री चौधरी ने कहा कि सेमीकंडक्टर पॉलिसी के तहत भारत सरकार द्वारा 40 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया गया है,जो देश के तकनीकी और औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि आईटी पॉलिसी लागू होने से बिहार में आईटी सेक्टर के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे।उन्होंने दावा किया कि आज बिहार के गांवों में झारखंड,उत्तर प्रदेश,नेपाल और पश्चिम बंगाल से बेहतर सड़कें बन चुकी हैं।पिछले 20 वर्षों में राज्य में बिजली कनेक्शन की संख्या 17 लाख से बढ़कर 2.14 करोड़ हो गई है।उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत दलित समाज का बिजली बिल शून्य है,जो सरकार की सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
अंत में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार में डबल इंजन की सरकार प्रदेश के विकास और जनता के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है।
