ब्यूरो रिपोर्ट भरतसिंह आर ठाकोर अरवल्ली गुजरात 9638076908
*जीवंत विरासत का शहर वडनगर बना संतुलित विकास का आदर्श मॉडल*
*पुरातात्विक अनुभवात्मक संग्रहालय में नजर आता है वडनगर का 2500 साल पुराना गौरवशाली इतिहास, प्रेरणा संकुल बना दुनिया का पहला अनुभवात्मक ज्ञान-आधारित शिक्षा केंद्र*
*• शहरी विकास और शहरी गृह निर्माण विभाग की अधीनस्थ गुजरात शहरी विकास कंपनी के अंतर्गत ऐतिहासिक स्थलों का जीर्णोद्धार, सड़कों का विकास और तालाबों को आपस में जोड़ने जैसे विकास कार्य किए जाएंगे*
*• गायों के संरक्षण के लिए बनेगी देश की पहली भव्य वृंदावन गौशाला, जो ग्रामीण गौशाला विकास का बनेगी एक आदर्श मॉडल*
*• विद्युत विभाग के अंतर्गत भूमिगत विद्युतीकरण और सौरकरण के जरिए वडनगर का होगा कायापलट*
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*गांधीनगर, 17 फरवरी :* प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ के विजन को ध्यान में रखते हुए गुजरात सरकार राज्य में ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का संतुलित मॉडल विकसित कर रही है। इसकी शानदार मिसाल है ऐतिहासिक शहर वडनगर। पुरातत्व, संस्कृति और इतिहास का जीवंत उदाहरण बन चुका वडनगर शहर लगभग 2500 साल पुराने सांस्कृतिक इतिहास को अपने में समेटे हुए है। पुरातात्विक अनुभवात्मक संग्रहालय का निर्माण हो या निर्माणाधीन देश की पहली भव्य वृंदावन गौशाला या फिर ऐतिहासिक स्थलों का जीर्णोद्धार कार्य, गुजरात सरकार के निरंतर प्रयासों के कारण वडनगर आज एक टिकाऊ शहरी मॉडल के रूप में विकसित हो रहा है।*पुरातात्विक अनुभवात्मक संग्रहालय, प्रेरणा संकुल और आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स*
वडनगर के 2500 साल पुराने गौरवशाली इतिहास को संरक्षित करने के लिए गत वर्ष पुरातात्विक अनुभवात्मक संग्रहालय का उद्घाटन किया गया था। 300 करोड़ रुपए की लागत से तैयार यह संग्रहालय भारत का एकमात्र ऐसा संग्रहालय है, जो नए उत्खनन कार्यों से मिली वस्तुओं को प्रदर्शित करता है। संग्रहालय में 5 हजार से अधिक कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं। इतना ही नहीं, 9 विषयगत दीर्घाएं भी बनाई गई हैं, जो विभिन्न कालखंडों की कलाओं, शिल्पों और विभिन्न भाषाओं को प्रदर्शित करती हैं।
वहीं, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जिस स्कूल में अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की थी, उस प्रेरणा स्कूल (संकुल) को भविष्य के आधुनिक शैक्षणिक संस्थान के रूप में विकसित किया गया है, जिसमें नई टेक्नोलॉजी के माध्यम से शिक्षा और नैतिक मूल्यों का अनूठा संगम है। यह दुनिया का पहला अनुभवात्मक ज्ञान-आधारित शिक्षा केंद्र है। इसके अलावा, वडनगर में अत्याधुनिक सुविधाओं वाले स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का भी निर्माण किया गया है, जिसमें छात्रावास, कोच ऑफिस, रेक्टर क्वार्टर, आधुनिक रसोई घर, डाइनिंग रूम और रिक्रिएशन रूम जैसी सुविधाएं और सोलर सिस्टम एवं सीसीटीवी कैमरों जैसी आधुनिक सुविधाएं भी शामिल हैं।वडनगर में कीर्ति तोरण, शर्मिष्ठा तालाब, प्राचीन दरवाजों और किले की दीवारों (परकोटे) के अवशेष, हाटकेश्वर महादेव मंदिर और आसपास का क्षेत्र, बौद्ध मठ के पुरातात्विक अवशेष और ताना-रीरी स्मारक जैसे स्थलों के जीर्णोद्धार से शहर की समृद्ध विरासत जीवंत बन गई है। ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ शहर के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के गुजरात सरकार के दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप वडनगर आज एक विश्व स्तरीय हेरिटेज-टूरिज्म डेस्टिनेशन बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि वडनगर को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है, जिसके अंतर्गत नॉमिनेशन डॉजियर और साइट मैनेजमेंट प्लान तैयार कर लिया गया है।
*इन विकास कार्यों से वडनगर का होगा कायापलट*
*भव्य वृंदावन गौशाला :* 15 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से देश की पहली भव्य ‘वृंदावन गौशाला’ का निर्माण किया जाएगा। गौशाला को ‘रूरल इनोवेशन हब’ के रूप में विकसित किया जाएगा और यह गायों के संरक्षण के लिए ग्रामीण गौशाला विकास का एक आदर्श मॉडल बनेगी।
*तालाबों और जलाशयों को आपस में जोड़ने का प्रोजेक्ट :* वडनगर में 40 से अधिक तालाबों को आपस में जोड़कर पानी को सहेजने और उसकी निकासी की व्यवस्था की जाएगी। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत तालाबों को गहरा और सुव्यवस्थित बनाकर उनका सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्राकृतिक ग्रेविटी फ्लो सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे शहर के बरसाती पानी की निकासी की व्यवस्था सुदृढ़ होगी।*हेरिटेज परिसर और फसाड डेवलपमेंट :* प्रेरणा स्कूल परिसर, कीर्ति तोरण परिसर, पत्थर की हवेली और शर्मिष्ठा तालाब के आसपास के इलाकों में पारंपरिक स्थापत्य को संरक्षित रखते हुए फसाड (ऐतिहासिक इमारतों आदि का अग्रभाग) और हेरिटेज परिसर विकास के काम शुरू किए गए हैं, जिससे ऐतिहासिक इलाकों के सौंदर्य को चार चांद लग जाएंगे।
*हेरिटेज रोड और जंक्शन विकास (फेज-2) :* शहर की मुख्य सड़कों और जंक्शनों को हेरिटेज थीम के आधार पर विकसित किया जाएगा, जिससे यातायात प्रबंधन में सुधार के साथ ही पर्यटकों को सहज एवं बेहतर अनुभव मिलेगा।*भूमिगत विद्युतीकरण और सौरकरण :* शहर में ओवरहेड विद्युत लाइनों को भूमिगत नेटवर्क में रूपांतरित किया जा रहा है। साथ ही, घरों और सरकारी इमारतों पर सोलर पैनल लगाकर वडनगर को ऊर्जा की दृष्टि से और अधिक टिकाऊ बनाने की दिशा में काम चल रहा है।
*योजनाबद्ध पुनर्वास और स्लम रीडेवलपमेंट :* योजनाबद्ध पुनर्वास कार्यों और स्लम रीडेवलपमेंट (झुग्गियों का पुनर्विकास) योजना के माध्यम से शहरी जीवन में सुधार लाया जाएगा।
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